नई दिल्ली: विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक के सांसदों के चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध मार्च से पहले बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद संबित पात्रा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की मदद ज्ञानेश जी नहीं, बल्कि गणेश जी कर रहे हैं। संबित पात्रा ने कहा, “हमारी मदद ज्ञानेश जी नहीं कर रहे हैं, हमारी मदद गणेश जी कर रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी की मदद ज्ञानेश जी नहीं, गणेश जी कर रहे हैं। बुद्धि, विद्या, ज्ञान और विवेक के देवता गणेश जी।”
जनता जानती है कि किनको वोट देना है-संबित पात्रा
संबित पात्रा ने फॉर्म-6 से जुड़े मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा है। उन्होंने आगे कहा कि भारत की जनता के पास बुद्धि, विवेक और ज्ञान है। जानता जानती है कि परिवारवाद, भ्रष्टाचार और आतंकवादियों के साथ खड़े होने वाले लोगों को वोट नहीं देना है। जो लोग कैप्टन स्मित के लिए एक ट्वीट तक नहीं कर सकते, उन्हें वोट नहीं देना है। पात्रा ने कहा, “वोट देना है तो उसको देना है जिसने कहा है-‘मैं देश नहीं झुकने दूंगा’।”
संबित पात्रा ने कहा, ‘कुछ समय पहले सुप्रीम कोर्ट में मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए याचिका दाखिल की गई थी। सोमवार दोपहर बाद जब कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया और नोटिस जारी किया तो राहुल गांधी ने सवाल उठाए। चुनाव आयोग के मुताबिक Form 6 में बदलाव नहीं किया गया है, बल्कि SIR के लिए Form 6 के साथ एक घोषणापत्र जोड़ा गया है।’
पिछले कुछ समय से चुनाव आयोग पर हमले हो रहे
संबित पात्रा ने कहा कि समय-समय पर भारतीय सेना, सुप्रीम कोर्ट, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड, भारतीय हिंदुओं और ईवीएम पर हमले किए गए। पिछले कुछ समय से चुनाव आयोग पर हमले हो रहे हैं। संबित पात्रा ने आशंका जताई कि कांग्रेस आज भी अराजकता का माहौल बनाने की कोशिश करेगी।
संबित पात्रा ने राहुल गांधी पर सीधा अटैक किया और कहा कि कांग्रेस और राहुल गांधी की ओर से पिछले कुछ महीनों से लगातार संवैधानिक संस्थाओं पर निशाना साधा जा रहा है। खेल लंबे समय से चल रहा है। शुरू से ही कांग्रेस राहुल गांधी को किसी तरह से लॉन्च और री-लॉन्च करने की कोशिश कर रही है। लेकिन कई कोशिशों के बाद भी वह लॉन्च नहीं हो पाए हैं। ऐसे में कांग्रेस और उनके सहयोगियों ने तय किया कि भारत के लोकतंत्र पर हमला करने पड़ेगा। संबित पात्रा ने विपक्ष पर अराजकता फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टियां पूरी प्लानिंग के साथ यह कर रही हैं।
उधर, संसद मार्ग से चुनाव आयोग मुख्यालय तक विपक्षी गठबंधन के सांसदों के मार्च को रोके जाने बाद विपक्षी सांसद नीति आयोग के दफ्तर के सामने धरने पर बैठ गये जिसके बाद उनमें से कई लोगों को हिरासत में ले लिया गया। इस दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी व प्रियंका गांधी वाद्रा कुछ अन्य समर्थकों के साथ आकाशवाणी भवन परिसर में दाखिल हो गये और वहां एक पेड़ के नीचे बैठ गए। विपक्षी गठबंधन का यह मार्च मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को रद्द करने की मांग को लेकर था। इससे पहले निर्वाचन सदन की तरफ बढ़ने से रोके जाने के बाद, विपक्षी सांसदों ने विरोध में सड़क पर बैठकर प्रदर्शन किया।
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