India-China Border Peace Pact | PM Modi & Xi Jinping Meeting Statement | ACTPnews

PM मोदी 18वें BRICS समिट से पहले चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का भारत मंडपम में स्वागत करते हुए। - Dainik Bhaskar


बीजिंग54 मिनट पहले

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PM मोदी 18वें BRICS समिट से पहले चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का भारत मंडपम में स्वागत करते हुए।

चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शी जिनपिंग से मुलाकात के दौरान भारत की स्वतंत्र विदेश नीति की बात कही। चीन के मुताबिक, PM मोदी ने कहा कि भारत अपनी जमीन का इस्तेमाल चीन विरोधी गतिविधियों के लिए नहीं होने देगा।

चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने सोमवार को कहा कि जिनपिंग और मोदी के बीच दिल्ली में हुई बैठक में सबसे अहम सहमति यह बनी कि चीन और भारत को प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि साझेदार बने रहना चाहिए।

वांग के मुताबिक, दोनों नेताओं ने सीमा से लगे इलाकों में शांति बनाए रखने पर भी सहमति जताई। दोनों नेताओं की यह बैठक 12-13 सितंबर को 18वें ब्रिक्स सम्मेलन से इतर हुई थी।

वांग बोले- दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ रहा है

वांग ने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है और लोगों के बीच संपर्क भी पहले से ज्यादा बढ़ा है। उन्होंने कहा कि चीन और भारत की 2.8 अरब से ज्यादा आबादी के लिए दोनों देशों के रिश्तों में सुधार अच्छी खबर है।

साथ ही, यह ग्लोबल साउथ के देशों के बीच सहयोग मजबूत करने में भी अहम भूमिका निभाएगा। दोनों देशों के नेताओं की रणनीतिक दिशा में चीन-भारत संबंध धीरे-धीरे खराब दौर से बाहर निकले हैं। अब दोनों देशों के रिश्ते फिर से शुरू होने के बाद एक नए स्तर पर पहुंच रहे हैं।

‘सीमा विवाद को पूरे रिश्ते के संदर्भ में देखना चाहिए’

वांग ने कहा कि सीमा विवाद को चीन-भारत के पूरे रिश्ते के बड़े संदर्भ में देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बातचीत और सहयोग दोनों देशों के रिश्तों की मुख्य दिशा बनी रहनी चाहिए।

उन्होंने दोनों देशों से अपने विकास और राष्ट्रीय प्रगति को तेज करने की अपील की। साथ ही कहा कि चीन और भारत को मिलकर क्षेत्रीय और वैश्विक शांति और साझा समृद्धि में योगदान देना चाहिए।

मोदी बोले- मतभेद विवाद न बनें

भारत के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, PM मोदी ने जिनपिंग से मुलाकात में रिश्तों को लंबे समय के नजरिए से आगे बढ़ाने पर जोर दिया।

पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच मतभेदों को विवाद में नहीं बदलना चाहिए। उन्होंने रिश्तों को आपसी सम्मान, संवेदनशीलता और आपसी हित के तीन सिद्धांतों के आधार पर आगे बढ़ाने की बात कही।

विदेश मंत्रालय के मुताबिक, मोदी ने कहा कि दोनों देशों के रिश्तों को संभालने के लिए रणनीतिक और लंबे समय का नजरिया जरूरी है।

एयर कनेक्टिविटी और दूसरे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ेगा

  • दोनों नेताओं ने सहमति जताई कि विकास को साझा हितों का आधार बनाया जाएगा।
  • इसके तहत संस्कृति और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने के साथ-साथ दोनों देशों के बीच सीधी हवाई कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाया जाएगा।
  • दोनों देशों ने ब्रिक्स की अध्यक्षता के दौरान एक-दूसरे का समर्थन करने पर भी सहमति जताई। चीन 2027 में ब्रिक्स की अध्यक्षता संभालेगा।
  • इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र, शंघाई सहयोग संगठन (SCO) और G20 जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर तालमेल मजबूत करने और ग्लोबल साउथ के देशों के बीच सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।

अरुणाचल में तनाव के बीच हुई बैठक

PM मोदी और जिनपिंग की बैठक ऐसे समय हुई, जब अरुणाचल प्रदेश के दूरदराज के तासिंग इलाके में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच तनाव की खबरें सामने आई हैं।

हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, जुलाई और अगस्त में दोनों देशों के सैनिकों के बीच कई बार आमना-सामना हुआ था। तासिंग इलाका भारत-चीन सीमा के पास स्थित है और यहां दोनों देशों के सैनिकों की मौजूदगी को लेकर पहले भी तनाव रहा है।

भारत और चीन पिछले कुछ समय से सीमा पर तनाव कम करने और आपसी रिश्तों को बेहतर बनाने की कोशिश कर रहे हैं। रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन ने LAC पर अपनी सेना की तैनाती में कमी की है और कुछ इलाकों से सैनिकों को पीछे हटाया गया है।

लेकिन तासिंग में नए तनाव की खबरें दोनों देशों के बीच भरोसा बढ़ाने की कोशिशों के लिए चुनौती मानी जा सकती हैं।

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