टोक्यो6 घंटे पहले
- कॉपी लिंक
भारत के बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में देरी होने पर जापान के पूर्व न्याय मंत्री हिदेकी माकिहारा ने भारत पर ही गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया X पर लिखा कि देरी की सबसे बड़ी वजह भारतीय मंत्री का रवैया रहा।
माकिहारा ने कहा- मैं खुद प्रोजेक्ट से जुड़ा रहा। जापानी टीम ने पूरी मेहनत की, लेकिन उम्मीद के मुताबिक नतीजे नहीं मिले। भारतीय पक्ष ने वादे पूरे नहीं किए, समझौतों से पीछे हट गए। अपने हिसाब से शर्तें बदलते रहे। इसी वजह से प्रोजेक्ट आगे नहीं बढ़ा।
माकीहारा ने मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट को लेकर यह बात कही। पीएम नरेंद्र मोदी और जापानी के पूर्व PM शिंजो आबे ने 14 सितंबर 2017 में इस प्रोजेक्ट का इनॉगरेशन किया था।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने माकीहारा के बयान पर कहा- भारत और जापान के बीच बातचीत अच्छी तरह आगे बढ़ रही है।

जापान की पीएम के दौरे का भी असर नहीं- माकिहारा
माकिहारा के मुताबिक, जापान की प्रधानमंत्री के दौरे से भी कोई नतीजा नहीं निकला। प्रधानमंत्री साने ताकाइची 1-3 जुलाई 2026 में भारत दौरे पर आई थी।
इस दौरान दोनों देशों ने 129 समझौतों का ऐलान किया था। इन समझौतों का मकसद निवेश, उद्योग, मैन्युफैक्चरिंग, तकनीक, कौशल विकास और सप्लाई चेन सहयोग को मजबूत करना है।

भारत-जापान जॉइंट इकोनॉमिक फोरम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची।
माकिहारा ने पोस्ट में टॉयो केइजाई ऑनलाइन की रिपोर्ट भी शेयर की। इसमें दावा किया गया कि बुलेट ट्रेन के सबसे अहम सेफ्टी सिस्टम (सिग्नलिंग सिस्टम) में जापान को शामिल नहीं किया गया। माकीहारा ने कहा कि इस प्रोजेक्ट के आगे न बढ़ पाने की पूरी जिम्मेदारी 100% भारतीय पक्ष की है।
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा- मुंबई और अहमदाबाद हाई स्पीड रेल परियोजना पर भारत और जापान के बीच बातचीत अच्छी तरह आगे बढ़ रही है। जापान की E-10 ट्रेन सीरीज अभी डेवलप की जा रही है और इसकी आपूर्ति 2030 के शुरुआती वर्षों में होगी। दोनों देशों ने फैसला किया है कि 2027 में शुरू होने वाले पहले सेक्शन पर भारतीय हाई स्पीड ट्रेन शुरू की जाएगी।
भारत ने आरोप खारिज किए
भारत सरकार ने मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना को लेकर जापान के साथ मतभेद की खबरों को खारिज किया है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने कहा कि पूर्व जापानी मंत्री की टिप्पणी उनकी निजी राय है और उसका वास्तविक स्थिति से कोई मेल नहीं है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, “हमने संबंधित पोस्ट देखी है। यह एक व्यक्ति की निजी राय है, जो तथ्यों से काफी अलग है।”
मंत्रालय ने कहा कि मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल परियोजना पर भारत और जापान के बीच बातचीत अच्छी तरह आगे बढ़ रही है और दोनों देश इस परियोजना पर मिलकर काम कर रहे हैं।
2017 में शुरू हुआ बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट
देश की पहली बुलेट ट्रेन मुंबई से अहमदाबाद के बीच चलेगी। दोनों शहरों के बीच 508 किमी का सफर बुलेट ट्रेन तीन घंटे में तय करेगी। अभी सफर में सात-आठ घंटे लगते हैं।

प्रोजेक्ट में ₹88 हजार करोड़ जापानी निवेश
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना की अनुमानित लागत करीब ₹2 लाख करोड़ है। लगभग ₹88 हजार करोड़ जापान की सरकारी एजेंसी JICA देगी। भारत को इस पर सिर्फ 0.1% सालाना ब्याज लगेगा।
इस कर्ज को चुकाने के लिए भारत को 50 साल मिलेंगे और पहले 15 साल तक किस्त नहीं देनी होगी। जापान अब तक 1,150 अरब येन (करीब ₹55 हजार करोड़) मंजूर कर चुका है। वह शिंकानसेन तकनीक, ट्रेनिंग और तकनीकी विशेषज्ञता भी भारत को दे रहा है।

रूट का 7 किमी हिस्सा समुद्र के अंदर होगा
- 508 किमी के रूट में से 351 किमी हिस्सा गुजरात और 157 किमी हिस्सा महाराष्ट्र से गुजरेगा। कुल 92% यानी 468 किमी लंबा ट्रैक एलिवेटेड रहेगा।
- मुंबई में 7 किमी का हिस्सा समुद्र के अंदर होगा। 25 किमी का रूट सुरंग से गुजरेगा। 13 किमी हिस्सा जमीन पर होगा। बुलेट ट्रेन 70 हाईवे, 21 नदियां पार करेगी। 173 बड़े और 201 छोटे ब्रिज बनेंगे।
- शुरुआत 10 कोच वाली 35 बुलेट ट्रेनों से होगी। ये ट्रेनें रोजाना 70 फेरे लगाएंगी। एक बुलेट ट्रेन में 750 लोग बैठ सकेंगे। बाद में 1200 लोगों के लिए 16 कोच हो जाएंगे। 2050 तक इन ट्रेनों की संख्या बढ़ाकर 105 करने का प्लान है।
———————
ये खबर भी पढ़ें…
मोदी बोले- सुजुकी दो-तिहाई कारें भारत में बना रही:जापान की मदद से देश में खाद के 1000 कारखाने लगेंगे; PM ताकाइची को बहन कहा

भारत और जापान ने आर्थिक साझेदारी को नई रफ्तार देने का फैसला किया है। भारत-जापान जॉइंट इकोनोमिक फोरम में प्रधानमंत्री मोदी ने जापानी कंपनियों की दिक्कतें दूर करने के लिए ‘जापान बिजनेस वीक’ शुरू करने का ऐलान किया। इसके तहत PMO के सीनियर अधिकारी सीधे जापानी निवेशकों से बातचीत करेंगे। पूरी खबर पढ़ें…














