2 घंटे पहले
- कॉपी लिंक
फिल्म ‘डॉन 3’ विवाद में फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) के मुख्य सलाहकार अशोक पंडित ने एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने हिंदी रश से कहा कि एक्टर रणवीर सिंह के खिलाफ असहयोग (नॉन-कोऑपरेशन) का निर्देश जारी करने से पहले उन्होंने रणवीर और डायरेक्टर फरहान अख्तर की प्राइवेट व्हाट्सएप चैट खुद पढ़ी थीं। रणवीर ने सब तय होने के बाद फिल्म छोड़ी थी, इसलिए उनके खिलाफ एक्शन लिया गया। हालांकि, रणवीर सिंह की तरफ से लीगल नोटिस मिलने के बाद फेडरेशन ने उनके खिलाफ जारी असहयोग का यह निर्देश अब वापस ले लिया था।

फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) के मुख्य सलाहकार अशोक पंडित।
प्राइवेट व्हाट्सएप चैट देखकर लिया था एक्शन अशोक पंडित ने बताया कि एक्टर के खिलाफ कोई भी कदम उठाने से पहले पूरी प्रक्रिया का पालन किया गया था और गहराई से दस्तावेजों की जांच की गई थी। उन्होंने कहा, “शिकायत मिलने के बाद हमने रणवीर सिंह, फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी के बीच हुई व्हाट्सएप चैट देखी थीं।
चैट से साफ था कि फिल्म के लिए स्टाइलिंग पूरी हो चुकी थी, कपड़े फाइनल थे, टिकट बुक हो चुके थे और होटलों का इंतजाम भी हो गया था। पूरी यूनिट तीन हफ्ते में शूटिंग के लिए रवाना होने वाली थी, लेकिन ऐन वक्त पर रणवीर पीछे हट गए।”
शूटिंग से तीन हफ्ते पहले फिल्म छोड़ने से नुकसान अशोक पंडित ने कहा कि फिल्म ‘डॉन 3’ के डायरेक्टर फरहान अख्तर और प्रोड्यूसर रितेश सिधवानी ने करीब पांच महीने पहले फेडरेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। मेकर्स का कहना था कि वे फिल्म के प्री-प्रोडक्शन पर 45 करोड़ रुपए खर्च कर चुके थे।
अशोक पंडित ने मेकर्स का बचाव करते हुए कहा कि 300 करोड़ रुपए के बजट वाली फिल्म में इस तरह के खर्च होना आम बात है। कोई भी प्रोड्यूसर एक्टर की पक्की सहमति के बिना इतने पैसे खर्च नहीं करता। मेकर्स इस 45 करोड़ रुपए के खर्च का पूरा ऑडिट पेपर दिखाने के लिए भी तैयार हैं।

रणवीर के लीगल नोटिस के बाद हटाया निर्देश मई के महीने में फेडरेशन ने रणवीर सिंह के अचानक फिल्म छोड़ने पर उनके खिलाफ असहयोग का निर्देश जारी किया था। इसके खिलाफ रणवीर सिंह ने अपनी लीगल टीम के जरिए फेडरेशन को एक कानूनी नोटिस भेजा, जिसमें इस निर्देश को हटाने की मांग की गई थी।
इसके ठीक एक दिन बाद फेडरेशन के अध्यक्ष बीएन तिवारी ने सिनेमा जगत की अन्य संस्थाओं CINTAAऔर इम्पा IMPAA के अनुरोध पर इस निर्देश को वापस लेने का ऐलान कर दिया। हालांकि, फेडरेशन की लीगल टीम रणवीर के नोटिस का कानूनी जवाब जरूर देगी।

बैन करने का अधिकार नहीं, बातचीत से हल अशोक पंडित ने यह भी साफ किया कि फेडरेशन का मकसद किसी के काम को रोकना नहीं है। उन्होंने कहा, “हम रणवीर की स्टारडम का सम्मान करते हैं। हमारे पास किसी को बैन करने का कोई अधिकार नहीं है। हमने रणवीर से अपील की है कि वे आएं और हमारे साथ बैठकर इस मामले का कोई बीच का रास्ता निकालें।”
अब फरहान अख्तर, रितेश सिधवानी और रणवीर सिंह आपस में बैठकर इस नुकसान की भरपाई और विवाद को सुलझाने के लिए तैयार हैं ताकि फिल्म का काम दोबारा शुरू हो सके।

जानिए क्या है रणवीर और फरहान अख्तर का विवाद डॉन 3 की घोषणा करीब तीन साल पहले हुई थी, जिसे फरहान अख्तर डायरेक्ट करने वाले थे। विवाद तब शुरू हुआ जब रणवीर सिंह ने पिछले साल दिसंबर में ‘धुरंधर’ की सफलता के बाद स्क्रिप्ट में अंतर होने के कारण फिल्म छोड़ दी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, रणवीर के फिल्म छोड़कर जाने से पहले मेकर्स आउटडोर लोकेशन और प्रोडक्शन पर काफी खर्च कर चुके थे।
रणवीर के हटने से हुए नुकसान की भरपाई के लिए प्रोड्यूसर्स ने उनसे 45 करोड़ रुपए की मांग की। रणवीर ने पहले पैसे देने से मना किया, लेकिन बाद में 10 करोड़ रुपए का ऑफर दिया, जिसे मेकर्स ने ठुकरा दिया।











