कैप्टन स्मित मच्छार ने 174 जिंदगियों को बचाने के लिए जो पराक्रम दिखाया, आज उसकी चर्चा पूरी दुनिया में हो रही है। भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार नहीं होते तो शायद 9/11 जैसा दूसरा हादसा हो गया होता। इस समय पूरी दुनिया में मातम पसरा होता, लेकिन आज हर कोई कैप्टन स्मित के साहस को सलाम कर रहा है। इस बीच, यूएई में भारत के राजदूत दीपक मित्तल ने UAE में उस अस्पताल में पहुंचे, जहां स्मित मच्छार भर्ती हैं। वहां राजदूत ने स्मित मच्छार और उनके परिवार से मुलाकात की। साथ ही, उनका हाल-चाल भी जाना है।
भारत के राजदूत ने कैप्टन स्मित से की मुलाकात
यूएई में भारत के राजदूत दीपक मित्तल और कैप्टन स्मित मच्छार की मुलाकात के बारे में जानकारी देते हुए UAE में भारतीय दूतावास के आधिकारिक X हैंडल ने पोस्ट किया, ‘राजदूत दीपक मित्तल ने अस्पताल में कैप्टन स्मित मच्छार और उनके परिवार से मुलाकात की। कैप्टन मच्छार की सेहत अच्छी है और वे तेजी से ठीक हो रहे हैं। दूतावास उनकी लगातार मेडिकल देखभाल सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है।’
अपनी जान की परवाह किए बगैर को-पायलट से भिड़े कैप्टन स्मित
बता दें कि जिस वक्त फ्लाइट के को-पायलट ने प्लेन को क्रैश कराने की कोशिश की, उस वक्त ये प्लेन 34 हजार फीट की उंचाई पर 730 मील प्रति घंटे की स्पीड से उड़ रहा था। उसी वक्त को-पायलट ने कैप्टन स्मित पर हमला किया। कैप्टन स्मित बुरी तरह जख्मी थे। खून से लथपथ थे लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। सिर्फ पैसेंजर्स की सुरक्षा का ख्याल रखा। अपनी जिंदगी की परवाह किए बगैर को-पायलट से भिड़ गए और 174 जिंदगियां बचा लीं, इसीलिए आज पूरी दुनिया कैप्टन स्मित को रियल हीरो बता रही है। कैप्टन स्मित की जल्दी रिकवरी के लिए दुनिया भर में दुआएं मांगी जा रही हैं। इस बीच, Flydubai के कैप्टन स्मित मच्छार को गुजरात सरकार ने सम्मान देने का ऐलान किया है।
प्लेन के अंदर हुई घटना की टाइमलाइन
कैप्टन स्मित ने जो जांबाजी दिखाई, उसे समझने के लिए आपको इस घटना की पूरी टाइमलाइन समझनी चाहिए। भारतीय समय के अनुसार, सुबह 8 बजकर 35 मिनट पर फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ-1073 ने दुबई से टेकऑफ किया। इस फ्लाइट में 174 पैसेंजर्स थे। ज्यादातर इजरायल के सिटीजंस थे। सबकुछ सामान्य था। फ्लाइट की कमान कैप्टन स्मित के पास थी। को-पायलट ओमान का रहने वाला शख्स था। टेकऑफ के बाद सवा दो घंटे तक सबकुछ ठीक था। लेकिन 10 बजकर 51 मिनट पर जब प्लेन सऊदी अरब और जार्डन के बॉर्डर के ऊपर उड़ रहा था। उसी वक्त को-पायलट ने कॉकपिट में रखे क्रैश एक्स से कैप्टन स्मित पर हमला कर दिया। क्रैश एक्स एक छोटी कुल्हाड़ी होती है, जिसे इमरजेंसी सिचुएशन में शीशे को तोड़ने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। को-पायलट ने क्रैश एक्स से कैप्टन स्मित के सीने पर वार किया। फिर पीठ और सिर पर हमला किया।
हमले में बुरी तरह जख्मी हो गए कैप्टन स्मित
कैप्टन स्मित बुरी तरह जख्मी हो गए। 10 बजकर 52 मिनट पर को-पायलट ने कॉकपिट में लगे सिस्टम्स को तोड़ने की कोशिश की। इसी दौरान, बुरी तरह घायल कैप्टन स्मित ने इमरजेंसी कोड ATC को भेज दिया। इस दौरान वो को-पायलट को काबू करने की कोशिश करते रहे। फिर 11 बजकर 8 मिनट पर स्मित ने हाईजैकिंग का कोड भेजा, ताकि जल्द से जल्द मदद मिल सके।
30 सेकंड में प्लेन 14 हजार फीट नीचे आया प्लेन
इस दौरान, कैप्टन स्मित का काफी खून बह चुका था। को-पायलट ने प्लेन की नोज डाउन कर दी। प्लेन तेजी से नीचे की तरफ गिरने लगा। विमान के अंदर मौजूद पैसेंजर्स भी घबरा गए लेकिन कॉकपिट का दरवाजा बंद था। इसी दौरान, मदद के लिए कैप्टन स्मित ने अपनी सीट के पास लगे बटन को प्रेस कर दिया, जिससे एक झटके में कॉकपिट का दरवाजा खुल गया। अंदर का मंजर देखकर फ्लाइट में बैठे लोगों की हालत बिगड़ गई, चीख पुकार मच गई। इस दौरान, 30 सेकंड में प्लेन 14 हजार फीट नीचे पहुंच गया। अब लोगों को मौत बेहद नजदीक दिखने लगी लेकिन उसके बाद वो हुआ जो अब से पहले कभी नहीं हुआ था। कैप्टन स्मित अपना काम कर चुके थे लेकिन खतरा टला नहीं था।
9/11 जैसी घटना को अंजाम देना चाहता था को-पायलट
दूसरी तरफ, प्लेन का को-पायलट अब भी अपनी साजिश को पूरा करने की कोशिश में लगा था। को-पायलट की कोशिश थी कि जब तक कोई मदद के लिए आए, उससे पहले किसी भी तरह ये प्लेन क्रैश हो जाए। 9/11 जैसी घटना फिर हो लेकिन उसके खौफनाक इरादों पर कैप्टन स्मित ने पानी फेर दिया। दूसरे लोगों ने कैप्टन स्मित को बाहर निकाला। फ्लाइट में एक डॉक्टर था, उसने तुरंत कैप्टन स्मित को आक्सीजन मास्क लगाया। फर्स्ट एड दी। लेकिन तेजी से खून बह रहा था, फिर उसे रोकने की कोशिश की और को-पायलट के हाथ बांध कर उसे एक कोने में डाल दिया गया।
कॉकपिट में घुसे पैसेंजर की सूझबूझ आई काम
जब पैसेंजर्स ने देखा कि पायलट बुरी तरह से घायल हैं और प्लेन कुछ ही सेकेंड्स में क्रैश होने वाला है तो हिम्मत जुटाकर सबसे पहले यानिव नाम का पैसेंजर कॉकपिट की तरफ भागा। यानिव इजरायल का नागरिक है और पेशे से वो प्लंबर का काम करता था। जब वो कॉकपिट में घुसा उस वक्त प्लेन का नोज पूरी तरह नीचे था। कुछ ही सेकेंड्स में प्लेन धरती से टकरा सकता था लेकिन यानिब ने सूझबूझ से काम लिया। उसने सबसे पहले को-पायलट को धक्का देकर दूसरी तरफ गिरा दिया। फिर फ्लाइट के कंट्रोलर को ऊपर की तरफ खींच दिया। उसे पूरा यकीन नहीं था कि ये काम करेगा क्योंकि वो विमान दुर्घटनाओं पर बनी एक सीरीज देख रहा था। उसमें नीचे गिरते हुए प्लेन को इसी तरह ऊपर उठाते हुए दिखाया जाता है, इसलिए उसने वैसा ही किया और ये तरीका काम कर गया। नीचे गिरता हुआ प्लेन ऊपर की तरफ जाने लगा और फ्लाइट स्टेबल होने लगी।
ये भी पढ़ें- ‘सोशल मीडिया पर की थीं यहूदियों को मारने की बातें’, फ्लाईदुबई के ओमानी को-पायलट पर बड़ा दावा
function loadFacebookScript(){
!function (f, b, e, v, n, t, s) {
if (f.fbq)
return;
n = f.fbq = function () {
n.callMethod ? n.callMethod.apply(n, arguments) : n.queue.push(arguments);
};
if (!f._fbq)
f._fbq = n;
n.push = n;
n.loaded = !0;
n.version = ‘2.0’;
n.queue = [];
t = b.createElement(e);
t.async = !0;
t.src = v;
s = b.getElementsByTagName(e)[0];
s.parentNode.insertBefore(t, s);
}(window, document, ‘script’, ‘//connect.facebook.net/en_US/fbevents.js’);
fbq(‘init’, ‘1684841475119151’);
fbq(‘track’, “PageView”);
}
window.addEventListener(‘load’, (event) => {
setTimeout(function(){
loadFacebookScript();
}, 7000);
});













