नई दिल्ली: आम जनता के लिए राहत भरी खबर है। सोमवार से तीन दिनों तक होने वाली बैंकों की हड़ताल टल गई है। इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के बीच रविवार को हुई बैठक के बाद तीन दिनों की बैंक हड़ताल वापस लेने का फैसला लिया गया। यूएफबीयू के सर्कुलर नंबर 2026/31 के अनुसार, रविवार रात 9:30 बजे आईबीए और यूएफबीयू के बीच बैठक हुई। विचार-विमर्श के बाद दोनों पक्षों में सहमति बनने के बाद हड़ताल वापस लिया गया।
बैठक में इन प्रमुख मुद्दों पर बनी सहमति
- फाइव डे बैंकिंग (शनिवार की छुट्टी) पर उच्चस्तरीय कमेटी: सभी बचे हुए शनिवारों को आधिकारिक अवकाश घोषित करने के मुद्दे पर विचार करने के लिए IBA और UFBU की एक उच्चस्तरीय समिति गठित की जाएगी। यह कमेटी सभी पक्षों और खासकर ग्राहकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए सर्वमान्य समाधान तलाशेगी।
- PLI स्कीम में संशोधन: स्केल IV और उससे ऊपर के अधिकारियों के लिए प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन (Performance Linked Incentive – PLI) योजना में यूनियनों की आपत्तियों को दूर करने के लिए संशोधन पर चर्चा होगी, जिसे आगे सरकार को प्रस्तावित किया जाएगा।
- लंबित मुद्दों का शीघ्र निपटारा: 8 मार्च 2024 के मिनट्स (Minutes) में सूचीबद्ध अन्य सभी लंबित मुद्दों पर त्वरित समाधान के लिए वार्ता जारी रहेगी।
बैंक हड़ताल टला
सर्कुलर पर एआईबीईए के सी.एच. वेंकटाचलम, एआईबीओसी के रूपम रॉय, एनसीबीई के एल. चंद्रशेखर, एआईबीओए के संजय खान, बीईएफआई के देबाशीष बासु चौधरी, आईएनबीओसी के प्रेम मक्कर और आईएनबीईएफ के ओ.पी. शर्मा समेत यूनियन नेताओं के हस्ताक्षर हैं। विस्तृत सर्कुलर जल्द जारी किया जाएगा।
बता दें कि बैंक कर्मचारियों के यूनियन- यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने 28 से 30 सितंबर, 2026 तक 3 दिनों दिन की देशव्यापी बैंक हड़ताल बुलाई थी। ये हड़ताल 26 और 27 सितंबर को शनिवार और रविवार की छुट्टियों के ठीक बाद होनी थी। ऐसे में, बैंकों का कामकाज लगातार 5 दिनों तक ठप रहने वाला था, जिसका सीधा और बुरा असर आम ग्राहकों पर पड़ना तय था। बैंकों में लगातार 5 दिनों तक कामकाज ठप रहना एक बहुत बड़ी समस्या है, जिसकी वजह से रविवार को भी बैंकों को खोलने की घोषणा की गई, ताकि आम लोग अपने जरूरी काम निपटा लें।
बैंक हड़ताल से पहले सरकार की कर्मचारियों से बड़ी अपील, 5-डे वर्किंग पर क्या हुआ फैसला?
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