Highlights
- अनिल अग्रवाल बोले, आज भी बॉलीवुड की फिल्मों में ही सबसे ज्यादा मजा आता है।
- पटना में शत्रुघ्न सिन्हा को देखकर अनिल अग्रवाल को मिली थी बड़ी प्रेरणा।
- हेमा मालिनी, रेखा और मीनाक्षी शेषाद्रि को देखने की दीवानगी पर बात की।
Anil Agarwal in Aap Ki Adalat LIVE: वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने अपने कारोबार और जिंदगी से जुड़े किस्सों के साझा करते हुए फिल्मों के प्रति अपनी दीवानगी के बारे में भी बताया। उन्होंने ये सारी बातें इंडिया टीवी के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ रजत शर्मा के सवालों के जवाब देते हुए ‘आप की अदालत’ कहीं। उनसे पूछा गया था कि कैसे बचपन से ही उन्हें फिल्में और फिल्म सितारों को देखने का बहुत शौक था और वह एक टिकट में दो-दो बार फिल्म देख लिया करते थे।
‘हमारे मनोरंजन का एक ही साधन था, फिल्म’
फिल्मों के शौक पर अनिल अग्रवाल ने हंसते हुए कहा कि उस समय उनके मनोरंजन का सबसे बड़ा और लगभग एकमात्र साधन फिल्में ही थीं। उन्होंने बताया कि फिल्म और फिल्म स्टार्स की बातें करना उन्हें आज भी पसंद है। उन्होंने कहा कि वह आज भी लोगों के साथ अंग्रेजी फिल्में देखने जाते हैं और फिल्म देखते समय उनके साथ सिर भी हिलाते हैं और आगे-पीछे भी होते हैं, हालांकि, उन्हें असली मजा बॉलीवुड की फिल्मों में ही आता है। उन्होंने कहा,
‘मुझे आज भी मजा बॉलीवुड में ही आता है।’
‘पटना में पहली बार शत्रुघ्न सिन्हा को देखा’
अनिल अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने पटना में पहली बार शत्रुघ्न सिन्हा को देखा था। उन्होंने कहा कि जब वह साइंस कॉलेज में थे तब शत्रुघ्न सिन्हा उनसे करीब 7-8 साल बड़े थे। अनिल अग्रवाल के मुताबिक, उन्होंने एक दिन मुंबई जाकर शत्रुघ्न सिन्हा को देखने की बात भी सोची थी। उन्होंने बताया कि एक फोटोग्राफर की दुकान के बाहर शत्रुघ्न सिन्हा बैठते थे। अनिल अग्रवाल ने कहा कि शत्रुघ्न सिन्हा को देखकर उन्हें काफी प्रेरणा मिली, क्योंकि वह उनसे उम्र में बड़े थे और पहले से ही अभिनय को लेकर पूरी तरह तैयार थे।
हेमा मालिनी और मीनाक्षी शेषाद्रि का लिया नाम
बातचीत के दौरान अनिल अग्रवाल से पूछा गया कि क्या उनके मन में यह भी था कि मुंबई जाएंगे तो हेमा मालिनी को देखेंगे। उन्होंने कहा कि हेमा मालिनी के साथ-साथ रेखा भी उस दौर की बड़ी अभिनेत्रियों में थीं। उन्होंने उस समय की एक और अभिनेत्री का नाम याद करने की कोशिश की, जिसके बाद मीनाक्षी शेषाद्रि का नाम सामने आया। अनिल अग्रवाल ने बताया कि उस दौर में किसी फिल्म स्टार को देखने या उनकी गाड़ी को सड़क पर गुजरते देखने का अलग ही रोमांच होता था। उन्होंने हंसते हुए कहा कि ऐसी स्थिति में पूरे शरीर में हलचल सी महसूस होती थी।
ये भी पढ़ें: आप की अदालत: जब पैसे नहीं थे, तो ख्वाब देखने मुंबई क्यों चले गए थे अनिल अग्रवाल? खुद बताई वजह
function loadFacebookScript(){
!function (f, b, e, v, n, t, s) {
if (f.fbq)
return;
n = f.fbq = function () {
n.callMethod ? n.callMethod.apply(n, arguments) : n.queue.push(arguments);
};
if (!f._fbq)
f._fbq = n;
n.push = n;
n.loaded = !0;
n.version = ‘2.0’;
n.queue = [];
t = b.createElement(e);
t.async = !0;
t.src = v;
s = b.getElementsByTagName(e)[0];
s.parentNode.insertBefore(t, s);
}(window, document, ‘script’, ‘//connect.facebook.net/en_US/fbevents.js’);
fbq(‘init’, ‘1684841475119151’);
fbq(‘track’, “PageView”);
}
window.addEventListener(‘load’, (event) => {
setTimeout(function(){
loadFacebookScript();
}, 7000);
});













