रूस ने यूक्रेन पर ओरेश्निक मिसाइल से हमला किया:यह परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम; जेलेंस्की बोले- रूसी पागल हो चुके हैं | ACTPnews

रूस ने यूक्रेन पर ओरेश्निक मिसाइल से हमला किया:यह परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम; जेलेंस्की बोले- रूसी पागल हो चुके हैं

रूस ने रविवार को यूक्रेन पर कई मिसाइलों और ड्रोनों से हमला किया जिसमें कम से कम 4 लोगों की मौत हो गई और कई दर्जन लोग घायल हैं। हमलों का निशाना यूक्रेन की राजधानी कीव के आसपास के इलाके थे। रूस ने कहा कि यह हमला यूक्रेनी हमलों के जवाब में किया गया। रूसी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक हमलेमें ओरेशनिक हाइपरसोनिक मिसाइल का भी इस्तेमाल हुआ। यह मिसाइल परमाणु हथियार ले जाने में भी सक्षम है। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रूस पर जानबूझकर नागरिक इलाकों को निशाना बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने टेलीग्राम पर लिखा कि रूसी हमलों में पानी सप्लाई करने वाली एक फैसिलिटी को नुकसान पहुंचा, एक बाजार जल गया और कई घरों व स्कूलों पर हमला हुआ। जेलेंस्की ने कहा कि रूस के तरफ से दागी ओरेश्निक मिसाइल बिला त्सेरक्वा शहर के पास गिरी। उन्होंने कहा, “वे सचमुच पागल हो चुके हैं। जरूरी है कि रूस को इसकी सजा मिले।” यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्री सिबिहा ने कहा कि मिसाइल में डमी वारहेड लगाया गया था। रूस के हमले से जुड़ीं 7 फोटोज रूस ने अब तक सिर्फ 3 बार ओरेश्निक का इस्तेमाल किया अमेरिका ओरेश्निक को मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल मानता है। यह मिसाइल पारंपरिक या परमाणु वारहेड ले जाने में सक्षम है। इसकी रफ्तार और उड़ान का तरीका ऐसा है कि यूक्रेन के मौजूदा एयर डिफेंस सिस्टम के लिए इसे रोकना लगभग नामुमकिन माना जाता है। रूस ने अब तक सिर्फ तीसरी बार इस मिसाइल का इस्तेमाल किया है। रूस ने ओरेशनिक मिसाइल का पहली बार इस्तेमाल 21 नवंबर 2024 को किया था। उस समय इस मिसाइल से यूक्रेन के द्नीप्रो शहर में स्थित पिवदेनमाश एयरोस्पेस प्लांट पर हमला किया गया था। उस वक्त शुरुआत में यूक्रेन को लगा था कि रूस ने इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल दागी है, लेकिन बाद में पता चला कि वह ओरेशनिक मिसाइल थी। दूसरी बार रूस ने जनवरी 2026 में ओरेशनिक का इस्तेमाल किया। यह हमला पश्चिमी यूक्रेन के ल्वीव क्षेत्र पर किया गया था। रूस ने कहा था कि निशाना ल्वीव स्टेट एविएशन रिपेयर प्लांट था। ओरेश्निक पर डमी वॉरहेड लगाकर दागा यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्री सिबिहा ने कहा कि ओरेश्निक मिसाइल में डमी वारहेड लगाया गया था। यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कैलस ने एक्स पर लिखा कि “ओरेश्निक जैसी परमाणु वारहेड ले जाने वाली मिसाइल का इस्तेमाल राजनीतिक डर पैदा करने और बेहद खतरनाक परमाणु शक्ति प्रदर्शन की कोशिश है।” फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भी रूस के रातभर चले हमले की निंदा की। उन्होंने कहा कि ओरेश्निक मिसाइल का इस्तेमाल रूस के “आक्रामक युद्ध” में और बड़ा उकसावा है। जर्मनी के चांसलर फ्रीडरिष मर्ज ने इसे “बेहद गैरजिम्मेदार बढ़ोतरी” बताया और कहा कि जर्मनी यूक्रेन के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा। रूस ने रूस पर 700 हमले किए यूक्रेनी वायुसेना के मुताबिक रूस ने रातभर में 600 ड्रोन और 90 मिसाइलें दागीं। एयर डिफेंस सिस्टम ने इनमें से 604 हथियारों को मार गिराया। विदेश मंत्री सिबिहा ने इसे राजधानी पर हुए सबसे बड़े हमलों में से एक बताया। जेलेंस्की ने कहा, “दुर्भाग्य से सभी बैलिस्टिक मिसाइलें नहीं रोकी जा सकीं। सबसे ज्यादा नुकसान कीव को हुआ और यही इस रूसी हमले का मुख्य निशाना था।” जेलेंस्की ने पुतिन पर निशाना साधते हुए कहा कि “अमेरिका, यूरोप और बाकी देशों को फैसले लेने होंगे ताकि मॉस्को में बैठे बूढ़े व्यक्ति पर इतना दबाव बने कि उन्हें आखिरकार युद्ध रोकने और शांति की बात करनी पड़े। राजधानी पर यह हमला उस समय हुआ जब रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन के एक हमले के जवाब में कार्रवाई का आदेश दिया था। यूक्रेन ने रूस के कब्जे वाले इलाके में हमला किया था, जिसमें कई लोगों की मौत हुई थी। पुतिन ने यूक्रेन पर आतंकी हमला करने का आरोप लगाया दूसरी तरफ पुतिन ने यूक्रेन पर आतंकी हमला करने का आरोप लगाया। उनका दावा है कि यूक्रेनी ड्रोन ने शुक्रवार को पूर्वी लुहान्स्क क्षेत्र के रूस-नियंत्रित स्टारोबिल्स्क शहर में एक कॉलेज हॉस्टल को निशाना बनाया। रूसी सरकारी समाचार एजेंसी टास के मुताबिक इस ड्रोन हमले में मारे गए बच्चों की संख्या बढ़कर 18 हो गई है। रूस के आपातकालीन मंत्रालय ने कहा कि मलबे के नीचे अभी भी तीन लोगों के फंसे होने की आशंका है। रूस के रक्षा मंत्रालय ने रविवार को कहा कि ओरेशनिक और दूसरी बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल रूसी क्षेत्र में नागरिक ठिकानों पर यूक्रेन के आतंकी हमलों के जवाब में किया गया। हालांकि यूक्रेनी सेना ने पुतिन के आरोपों को खारिज किया। उसने कहा कि वह सिर्फ सैन्य ढांचे और सैन्य इस्तेमाल वाली जगहों को निशाना बनाती है।



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