अमेरिका को काफी महंगी पड़ रही ईरान से जंग, 770 के पार पहुंचा हताहत सैनिकों का आंकड़ा | ACTPnews

अमेरिका को काफी महंगी पड़ रही ईरान से जंग, 770 के पार पहुंचा हताहत सैनिकों का आंकड़ा


Highlights

  • ईरान युद्ध में अब तक 18 अमेरिकी सैनिकों की मौत, 756 घायल हुए, कुल हताहत संख्या 774 पहुंची।
  • युद्धविराम खत्म होने के बावजूद अमेरिका और ईरान के बीच बड़े हमले दोबारा शुरू नहीं हुए हैं।
  • पेंटागन के आंकड़ों में बदलाव और देरी से अपडेट को लेकर भी कई सवाल उठ चुके हैं।

वॉशिंगटन: ईरान के साथ अमेरिका की जंग छठे महीने में पहुंच गई है और इस दौरान हताहत हुए अमेरिकी सैनिकों का आंकड़ा 770 के पार पहुंच गया है। पेंटागन के आंकड़ों के मुताबिक, अब तक कुल 774 अमेरिकी सैन्यकर्मी हताहत हुए हैं। इनमें 18 सैनिकों की मौत हुई है, जबकि 756 सैनिक घायल हुए हैं। अमेरिकी अखबार ‘द वॉशिंगटन पोस्ट’ ने शुक्रवार को पेंटागन के सैन्य हताहत आंकड़ों के हवाले से यह जानकारी दी। रिपोर्ट के मुताबिक, हाल के दिनों में पेंटागन ने घायल सैनिकों की सूची में बड़ी संख्या में नए नाम जोड़े हैं।

घायल सैनिकों के आंकड़े अब क्यों बढ़े?

खास बात यह है कि पिछले कुछ हफ्तों में अमेरिका और ईरान के बीच बड़े पैमाने पर लड़ाई नहीं हुई है और दोनों पक्ष काफी हद तक युद्धविराम की स्थिति में रहे हैं, ऐसे में सवाल उठता है कि घायलों के आंकड़े क्यों बढ़े। रिपोर्ट के मुताबिक, हाल में जोड़े गए कुछ आंकड़े ऐसे सैनिकों से जुड़े हो सकते हैं जिनकी चोट पहले सैन्य मेडिकल सिस्टम में दर्ज हुई थी, लेकिन उसका रिकॉर्ड पेंटागन के आधिकारिक हताहत डेटाबेस में बाद में दिखाई दिया। यानी घायल सैनिकों की संख्या अचानक बढ़ने का मतलब यह जरूरी नहीं है कि हाल के दिनों में ही इतने नए हमले हुए हैं। कुछ मामलों में चोट दर्ज होने और आधिकारिक आंकड़ों में शामिल होने के बीच देरी हो सकती है।

युद्धविराम खत्म, लेकिन कोई बड़ा हमला नहीं

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जून में ईरान के साथ हुए 14 सूत्री समझौता ज्ञापनके तहत युद्धविराम की अवधि आगे नहीं बढ़ाई। यह युद्धविराम सोमवार को खत्म हो गया। इसके बावजूद इसके बाद से दोनों पक्षों के बीच बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान दोबारा शुरू नहीं हुए हैं। हालांकि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अब भी विवाद का सबसे अहम मुद्दा बना हुआ है। इसी बीच CNN ने बुधवार को बताया था कि घायल अमेरिकी सैनिकों की संख्या 750 के पार पहुंच चुकी है।

28 फरवरी से अब तक 18 सैनिकों की मौत

CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, पेंटागन के डिफेंस कैजुअल्टी एनालिसिस सिस्टम यानी कि DCAS में ‘Overseas Operations’ और ‘Operation Epic Fury’ के आंकड़ों को मिलाने पर पता चलता है कि 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ अमेरिका द्वारा युद्ध शुरू किए जाने के बाद से 18 अमेरिकी सैनिकों की मौत हुई है। पेंटागन ने पिछले महीने DCAS में ‘Overseas Operations’ नाम की एक नई कैटेगरी बनाई थी। इसमें 7 जुलाई से मारे गए और घायल हुए सैन्यकर्मियों के आंकड़े शामिल किए गए हैं।

पेंटागन के आंकड़ों पर पहले भी उठे सवाल

हालांकि पेंटागन ने इस कैटेगरी के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी है और यह भी साफ नहीं किया है कि इसमें दर्ज हताहत किस संघर्ष से जुड़े हैं। लेकिन 7 जुलाई की तारीख महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी दिन ट्रंप प्रशासन ने अमेरिकी कांग्रेस को ‘वार पावर्स एक्ट’ के तहत भेजी गई सूचना में बताया था कि ईरान के साथ एक नया संघर्ष शुरू हुआ है। अमेरिकी रक्षा विभाग के हताहत आंकड़ों को लेकर हाल के हफ्तों में सवाल भी उठ चुके हैं। ईरान के हमले जारी रहने के बावजूद पेंटागन के डेटाबेस में मारे गए और घायल सैनिकों की संख्या कुछ समय के लिए कम हो गई थी।

ट्रंप बोले- ईरान के साथ स्थिति ‘अभी बहुत अच्छी’

इस बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को ईरान के साथ मौजूदा स्थिति को लेकर सकारात्मक टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि स्थिति ‘अभी बहुत अच्छी’ है। हालांकि वॉशिंगटन और तेहरान के बीच बातचीत फिलहाल रुकी हुई है। वहीं, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर तनाव अब भी बना हुआ है। यह जलमार्ग वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और ईरान-अमेरिका संघर्ष में लगातार प्रमुख विवाद का केंद्र बना हुआ है। बता दें कि हाल ही में दोनों देशों ने होर्मुज पर अपना-अपना दावा ठोका है और एक दूसरे पर लगातार निशाना साध रहे हैं।

ये भी पढ़ें: ईरान अब युद्ध खत्म करना चाहता है, ट्रंप करेंगे भरोसा? शांति समझौते में क्या है अड़चन

function loadFacebookScript(){
!function (f, b, e, v, n, t, s) {
if (f.fbq)
return;
n = f.fbq = function () {
n.callMethod ? n.callMethod.apply(n, arguments) : n.queue.push(arguments);
};
if (!f._fbq)
f._fbq = n;
n.push = n;
n.loaded = !0;
n.version = ‘2.0’;
n.queue = [];
t = b.createElement(e);
t.async = !0;
t.src = v;
s = b.getElementsByTagName(e)[0];
s.parentNode.insertBefore(t, s);
}(window, document, ‘script’, ‘//connect.facebook.net/en_US/fbevents.js’);
fbq(‘init’, ‘1684841475119151’);
fbq(‘track’, “PageView”);
}

window.addEventListener(‘load’, (event) => {
setTimeout(function(){
loadFacebookScript();
}, 7000);
});



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest News

View All

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports

You May Have Missed