35 साल पुराने वंधामा नरसंहार की दोबारा जांच होगी:9 महिलाओं, 4 बच्चों समेत 23 कश्मीरी पंडितों की हत्या हुई थी; टपलू-जस्टिस गंजू केस भी खुले | ACTPnews

35 साल पुराने वंधामा नरसंहार की दोबारा जांच होगी:9 महिलाओं, 4 बच्चों समेत 23 कश्मीरी पंडितों की हत्या हुई थी; टपलू-जस्टिस गंजू केस भी खुले

जम्मू-कश्मीर स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (SIA) ने 1998 के वंधामा नरसंहार की जांच दोबारा शुरू कर दी है। इस हत्याकांड में 23 कश्मीरी पंडितों की हत्या कर दी गई थी। मरने वालों में 9 महिलाएं और 4 बच्चे शामिल थे। सूत्रों के मुताबिक, SIA ने मामले से जुड़े सबूत जुटाने के लिए कश्मीर घाटी में कई जगहों पर तलाशी ली है। एजेंसी कश्मीरी पंडितों की दूसरी हत्याओं के मामलों की भी फिर से जांच कर रही है। इनमें कश्मीरी पंडित नेता टीका लाल टपलू और जस्टिस नीलकंठ गंजू की हत्या के मामले भी शामिल हैं। जांच एजेंसी हमलों में शामिल आतंकियों और ओवरग्राउंड वर्कर्स की पहचान कर उनकी भूमिका का पता लगाने की कोशिश कर रही है। 25 जनवरी 1998 को हुआ था वंधामा नरसंहार वंधामा नरसंहार 25 जनवरी 1998 की रात गांदरबल के वंधामा गांव में हुआ था। आरोप है कि हथियारबंद आतंकी कश्मीरी पंडित परिवारों के घरों में घुसे और 23 लोगों की हत्या कर दी। यह वारदात गणतंत्र दिवस से ठीक एक दिन पहले हुई थी। उस दिन रमजान की पवित्र रात शब-ए-कद्र भी थी। मामला दशकों तक अनसुलझा रहा। अब SIA पुराने रिकॉर्ड, संदिग्धों और हमले से जुड़े लोगों की भूमिका की दोबारा जांच कर रही है। टीका लाल टपलू और जस्टिस गंजू हत्याकांड की जांच भी तेज सूत्रों के मुताबिक, SIA ने टीका लाल टपलू की हत्या से जुड़े मामले में भी कश्मीर घाटी में कई ठिकानों पर तलाशी ली है। इसके अलावा जस्टिस नीलकंठ गंजू की हत्या की जांच भी तेज की गई है। एजेंसी का मकसद इन पुराने मामलों में शामिल आतंकियों के साथ उनकी मदद करने वाले कथित ओवरग्राउंड वर्कर्स की पहचान करना और यह पता लगाना है कि हमलों में किसकी क्या भूमिका थी। सरला भट हत्याकांड में 737 पन्नों की चार्जशीट SIA ने इससे पहले कश्मीरी पंडित नर्स सरला भट की 1990 में हुई हत्या का मामला भी दोबारा खोला था। एजेंसी ने जून में इस मामले में 737 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की। इसमें जेल में बंद JKLF प्रमुख यासीन मलिक को कथित तौर पर हत्या का मास्टरमाइंड बताया गया है। इसके अलावा कश्मीरी पंडित लेखक सर्वानंद कौल प्रेमी और उनके बेटे वीरेंद्र कौल की हत्या से जुड़े मामले में भी SIA ने जांच और तलाशी की कार्रवाई की है। इन पुराने मामलों को दोबारा खोलना घाटी में आतंकवाद के दौर में हुई टारगेट किलिंग के लंबित मामलों की जांच का हिस्सा है।



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