Highlights
- फ्लाईदुबई हमले में नया खुलासा, को-पायलट के सोशल मीडिया पर कट्टरपंथी पोस्ट का दावा।
- ‘मुझे मार दो’ चिल्ला रहा था हमलावर, नेतन्याहू ने विमान गिराने की कोशिश बताई।
- कॉकपिट में हमले के बाद तबूक में उतरी फ्लाइट, भारतीय कैप्टन अब खतरे से बाहर।
तेल अवीव: दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में कैप्टन पर हमला करने वाले ओमानी को-पायलट को लेकर जांच में कई गंभीर दावे सामने आए हैं। ‘द टाइम्स ऑफ इजरायल’ से बातचीत में एक इजरायली अधिकारी ने दावा किया कि को-पायलट ने सोशल मीडिया पर यहूदियों को मारने से जुड़ी बातें पोस्ट की थीं। अधिकारी के मुताबिक, उसके सोशल मीडिया अकाउंट से उसके कथित तौर पर कट्टरपंथी जिहादी विचारधारा से प्रभावित होने के संकेत मिले हैं।
‘हमलावर ने क्रू से कहा, मुझे मार दो’
इजरायली अधिकारी ने विमान में मौजूद यात्रियों से हुई बातचीत का हवाला देते हुए बताया कि कॉकपिट में झड़प के दौरान हमलावर ने अमीराती क्रू सदस्यों से कथित तौर पर उसे मारने के लिए कहा। अधिकारी ने कहा,
‘यह ऐसा व्यक्ति था जो खुदकुशी करने के लिए तैयार था। उसके सोशल मीडिया अकाउंट साफ तौर पर बताते हैं कि वह जिहादी विचारधारा से कट्टरपंथी बना था। वह यहूदियों को मारने की बात करता है।’
क्या विमान को गिराने की थी कोशिश?
अधिकारी ने कहा कि औपचारिक जांच पूरी होने तक हमलावर के इरादे के बारे में निश्चित तौर पर कुछ नहीं कहा जा सकता। हालांकि, शुरुआती संकेतों से ऐसा लगता है कि यह आत्मघाती कार्रवाई की कोशिश हो सकती थी, जिसमें विमान को गिराने का इरादा था। अधिकारी के मुताबिक,
‘जांच पूरी होने तक हम निश्चित तौर पर नहीं कह सकते, लेकिन ऐसा लगता है कि वह आत्मघाती हमलावर था और शायद विमान को गिराने की कोशिश करने वाला था।’
‘कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित था को-पायलट’
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी इससे पहले हमलावर के बारे में इसी तरह की बात कही थी। फॉक्स न्यूज से बातचीत में नेतन्याहू ने बताया कि हमले के बाद को-पायलट से पूछताछ की जा रही है और इजरायली जांचकर्ता भी इसमें शामिल हैं। नेतन्याहू ने कहा,
‘हम अभी तक जो जानते हैं, उसके मुताबिक वह इस्लामी कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित था।’
उन्होंने यह भी कहा कि शुरुआती जांच में को-पायलट के आत्मघाती होने और विमान को गिराने की कोशिश करने के संकेत मिले हैं।
‘मुझे मार दो चिल्ला रहा था को-पायलट’
नेतन्याहू ने दावा किया कि हमलावर को रोकने के लिए पहले उसके हाथों को ईयरफोन की तारों से बांधा गया और बाद में प्लास्टिक कफ लगाए गए। उनके मुताबिक, हमलावर फर्श पर पड़ा था और क्रू से बार-बार कह रहा था,
‘मुझे मार दो, मुझे मार दो।’
नेतन्याहू ने कहा कि इन परिस्थितियों से शुरुआती तौर पर ऐसा लगा कि को-पायलट आत्मघाती था और विमान को गिराने की कोशिश कर रहा था। हालांकि, इस मामले में पूरी तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगी।
सऊदी अरब में हो रही शुरुआती जांच
फ्लाईदुबई की उड़ान को सुरक्षित रूप से सऊदी अरब के तबूक एयरपोर्ट पर उतारने के बाद फिलहाल मामले की शुरुआती जांच सऊदी अधिकारी कर रहे हैं। ‘द टाइम्स ऑफ इजरायल’ के मुताबिक, सऊदी जांच पूरी होने के बाद आरोपी को आगे की पूछताछ के लिए UAE के अधिकारियों को सौंपा जा सकता है। इजरायली अधिकारी ने बताया कि इजरायल भी जांच में शामिल रहेगा। उनके मुताबिक, इजरायली एजेंसियां इस प्रक्रिया में सहयोग करेंगी और UAE की जांच से घटना के बारे में ज्यादा अहम जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
कैसे हुआ था विमान में हमला?
फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी। उड़ान के दौरान ओमानी को-पायलट ने कथित तौर पर विमान के कैप्टन स्मित माच्छर पर चाकू से हमला किया और विमान का नियंत्रण अपने हाथ में लेने की कोशिश की। हमले में कैप्टन घायल हो गए। इसके बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की। इसके बाद यात्रियों और क्रू के सदस्यों ने हस्तक्षेप किया और स्थिति को नियंत्रित करने में मदद की।
कैप्टन माच्छर की हालत अब बेहतर
घटना के बाद विमान को अपने निर्धारित गंतव्य तेल अवीव के बजाय सऊदी अरब के तबूक एयरपोर्ट की ओर मोड़ दिया गया। विमान वहां सुरक्षित उतर गया। घायल कैप्टन को तबूक के अस्पताल ले जाया गया था। बाद में उन्हें बेहतर इलाज के लिए अबू धाबी ले जाया गया। UAE में भारत के राजदूत ने पुष्टि की कि कैप्टन स्मित मच्छर अब खतरे से बाहर हैं और उनकी हालत में सुधार हो रहा है। उन्हें चाकू से हमले में चोटें आई थीं और फिलहाल उनका इलाज जारी है।
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