Brazil Election 2026 | Flavio Bolsonaro vs Lula Da Silva Presidential Race | ACTPnews

Brazil Election 2026 | Flavio Bolsonaro vs Lula Da Silva Presidential Race


ब्रासीलिया6 मिनट पहले

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ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा चुनाव हार सकते हैं। 4 अक्टूबर को ब्राजील में पहले दौर की वोटिंग हुई। इसमें राष्ट्रपति लूला, पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के बेटे से पिछड़ गए।

किसी भी उम्मीदवार को 50% से ज्यादा वोट नहीं मिले, इसलिए अब ब्राजील में 25 अक्टूबर को दूसरे दौर की वोटिंग होगी।

बोल्सोनारो परिवार अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प का करीबी माना जाता है। 2022 का चुनाव हारने के बाद तख्तापलट की साजिश के मामले में जायर बोल्सोनारो को करीब 27 साल की जेल की सजा मिली है।

लूला को फ्लावियो से 2% कम वोट मिले

ब्राजील में आम जनता सीधे राष्ट्रपति के लिए वोट करती है। राष्ट्रपति बनने के लिए किसी भी उम्मीदवार को 50% से ज्यादा वोट मिलने जरूरी हैं। पहले दौर में फ्लावियो बोल्सोनारो को करीब 47% वोट मिले, जबकि लूला को करीब 45% वोट मिले।

चुनाव से पहले आए ज्यादातर सर्वे लूला को बढ़त दिखा रहे थे, लेकिन नतीजों ने तस्वीर बदल दी।

ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा 4 अक्टूबर 2026 को साओ बर्नार्डो दो कैंपो में मतदान से पहले ब्राजील का झंडा दिखाते हुए।

ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा 4 अक्टूबर 2026 को साओ बर्नार्डो दो कैंपो में मतदान से पहले ब्राजील का झंडा दिखाते हुए।

दूसरे दौर में बाकी उम्मीदवारों के वोट तय करेंगे किसकी जीत

पहले दौर में लूला और फ्लावियो के अलावा 10 और उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे थे। वे चुनाव से बाहर हो गए हैं, लेकिन उन्हें मिले वोट अब भी बहुत मायने रखते हैं। दूसरे दौर में इन्हीं वोटों से तय हो सकता है कि लूला या फ्लावियो में से कौन राष्ट्रपति बनेगा।

इनमें रोनाल्डो काइआडो और रेनान सैंटोस के वोट सबसे ज्यादा अहम हैं। दोनों को मिलाकर करीब 53 लाख वोट मिले हैं। अभी दोनों ने यह नहीं बताया है कि वे लूला का साथ देंगे या फ्लावियो का।

एक और बड़ी बात यह है कि पहले दौर में करीब 21% लोगों ने वोट ही नहीं डाला। अब दूसरे दौर में यह देखना होगा कि इनमें से कितने लोग वोट डालने आते हैं और किसे वोट देते हैं।

ब्राजील के नक्शे में राष्ट्रपति चुनाव के नतीजे। लाल रंग लूला दा सिल्वा और नीला रंग बोल्सोनारो की जीत वाले इलाकों को दिखाता है।

ब्राजील के नक्शे में राष्ट्रपति चुनाव के नतीजे। लाल रंग लूला दा सिल्वा और नीला रंग बोल्सोनारो की जीत वाले इलाकों को दिखाता है।

पिता जेल में, बेटा राष्ट्रपति बनने की रेस में

45 साल के फ्लावियो बोल्सोनारो इस चुनाव में सिर्फ एक उम्मीदवार नहीं हैं, बल्कि ब्राजील के बोल्सोनारो परिवार की राजनीतिक विरासत को आगे ले जाने की कोशिश कर रहे हैं। वे रियो डी जेनेरियो से सीनेटर हैं।

उनके पिता जायर बोल्सोनारो जेल में होने की वजह से चुनाव नहीं लड़ सकते। ऐसे में जायर ने अपने बेटे फ्लावियो को 2026 के चुनाव में आगे किया।

फ्लावियो 2002 से राजनीति में हैं, लेकिन राष्ट्रपति पद के लिए यह उनका पहला चुनाव है। उन्होंने पिता की कट्टर दक्षिणपंथी छवि को आगे बढ़ाते हुए अपराध पर सख्त कार्रवाई, टैक्स में कटौती और कारोबार को बढ़ावा देने जैसे मुद्दों को अपने अभियान का हिस्सा बनाया है।

ब्राजील के सीनेटर फ्लावियो बोल्सोनारो। राष्ट्रपति चुनाव के पहले दौर में उन्होंने राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा से ज्यादा वोट हासिल किए।

ब्राजील के सीनेटर फ्लावियो बोल्सोनारो। राष्ट्रपति चुनाव के पहले दौर में उन्होंने राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा से ज्यादा वोट हासिल किए।

चौथी बार राष्ट्रपति बनने की कोशिश में 80 साल के लूला

80 साल के लूला दा सिल्वा चौथी बार ब्राजील की सत्ता हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। उनका चुनावी दांव गरीबों के लिए किए गए काम और सामाजिक कल्याण की योजनाओं पर है। वे लोगों को याद दिला रहे हैं कि उनकी सरकार ने गरीब परिवारों को राहत देने के लिए क्या किया।

लेकिन इस बार सिर्फ पुरानी योजनाओं के भरोसे काम आसान नहीं है। महंगाई और रोजमर्रा की चीजों की बढ़ती कीमतों ने लोगों की चिंता बढ़ाई है, वहीं अपराध भी बड़ा चुनावी मुद्दा बना हुआ है। यही वे मुद्दे हैं, जिन पर विपक्ष लूला सरकार को घेर रहा है।

ब्राजील के राष्ट्रपति और वर्कर्स पार्टी के उम्मीदवार लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा 4 अक्टूबर 2026 को साओ पाउलो में।

ब्राजील के राष्ट्रपति और वर्कर्स पार्टी के उम्मीदवार लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा 4 अक्टूबर 2026 को साओ पाउलो में।

संसद में भी मजबूत हुआ बोल्सोनारो खेमा

ब्राजील में राष्ट्रपति चुनाव के साथ संसद के लिए भी चुनाव हुए। यहां भी जायर बोल्सोनारो के समर्थक दक्षिणपंथी दलों को अच्छी पकड़ मिली है। फ्लावियो बोल्सोनारो की पार्टी लिबरल पार्टी निचले सदन में सबसे ज्यादा सीटें जीतने वाली पार्टियों में आगे रही।

बोल्सोनारो परिवार के दूसरे सदस्य भी चुनाव में जीते। जायर बोल्सोनारो की पत्नी मिशेल बोल्सोनारो सीनेट पहुंच गई हैं, जबकि उनके बेटे कार्लोस बोल्सोनारो ने भी चुनाव जीत लिया है।

यानी अगर लूला दोबारा राष्ट्रपति बनते भी हैं, तो हर फैसले को लागू करना उनके लिए आसान नहीं होगा। संसद में बोल्सोनारो समर्थक सांसदों की बड़ी मौजूदगी उन्हें चुनौती दे सकती है।

ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो की पत्नी मिशेल बोल्सोनारो 4 अक्टूबर 2026 को ब्रासीलिया में आम चुनाव के दौरान वोट डालने पहुंचीं थीं।

ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो की पत्नी मिशेल बोल्सोनारो 4 अक्टूबर 2026 को ब्रासीलिया में आम चुनाव के दौरान वोट डालने पहुंचीं थीं।

ब्राजील में चुनाव पर अमेरिका और चीन की नजर

ब्राजील लैटिन अमेरिका की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और BRICS का संस्थापक सदस्य भी है। इसलिए यहां सरकार बदलने का असर सिर्फ देश की राजनीति तक सीमित नहीं रहेगा।

लूला की सरकार चीन और BRICS देशों के साथ रिश्तों को मजबूत करने पर जोर देती रही है। ऐसे में उनकी वापसी से इन देशों के साथ मौजूदा रिश्ते और सहयोग जारी रहने की संभावना है।

दूसरी तरफ फ्लावियो बोल्सोनारो को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के करीब माना जाता है। ऐसे में उनकी जीत से अमेरिका के साथ ब्राजील के रिश्तों में नया बदलाव आ सकता है।

यानी इस चुनाव में मुकाबला सिर्फ लूला बनाम फ्लावियो का नहीं है। ब्राजील आगे अमेरिका के करीब जाता है या चीन और BRICS के साथ अपने मौजूदा रिश्तों को और मजबूत करता है, यह इस 25 अक्टूबर को होने वाले चुनाव का नतीजा तय करेगा।

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