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Film Industry came in support of ranveer singh after FWICE Impose ban on him, manoj bajpayee, chunky pandey reacts, ashoke pandit clarify


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50 मिनट पहले

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फरहान अख्तर की डॉन 3 अचानक छोड़ देने से FWICE (फिल्म फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न सिने एप्लॉय्ज) ने रणवीर सिंह पर बैन लगा दिया है। जब तक मामला नहीं सुलझता, तब तक रणवीर के साथ फेडरेशन से जुड़े लोग काम नहीं कर सकेंगे। इस घोषणा के बाद इंडस्ट्री के कई लोग उनके सपोर्ट में उतरे हैं। चंकी पांडे ने बताया है कि एक समय वो भी इस बैन का शिकार हो चुके हैं। माफी मांगने के बाद उन पर लगा बैन हटाया गया था। वहीं दूसरी तरफ FWICE के चीफ एडवाइजर अशोक पंडित ने बैन पर सफाई दी है।

मैंने भी ये झेला है- चंकी पांडे

चंकी पांडे ने रणवीर सिंह के विवाद पर हाल ही में ई-टाइम्स को दिए इंटरव्यू में बताया है कि 1987 में फिल्म इंडस्ट्री की हड़ताल थी और शूटिंग करने की इजाजत नहीं थी। लेकिन ठीक उसी समय उनकी फिल्म आग ही आग की शूटिंग ऊटी में हुई। इस बात से नाराज फेरडरेशन ने फिल्म में काम करने वाले हर शख्स को बैन कर दिया था। हालांकि तब धर्मेंद्र और शत्रुघ्न सिन्हा इतने बड़े स्टार थे, जिनके पास एक साथ 30-40 फिल्में थीं, ऐसे में उन्हें बैन करना मुश्किल था।

चंकी पांडे जो नए आए थे और उनकी पहली फिल्म भी रिलीज नहीं हुई थी, उन्हें एक हफ्ते के लिए बैन कर दिया था। विवाद पर चंकी पांडे ने माफी मांगी, जिसके बाद उन्हें दोबारा काम करने की इजाजत मिली। बातचीत में चंकी पांडे ने कहा है, हमारी इंडस्ट्री बहुत छोटी और नाजुक है। मैंने ये सब खुद झेला है।

उम्मीद है ये मामला जल्द सुलझेगा- मनोज बाजपेयी

अपकमिंग फिल्म गवर्नर के प्रमोशनल इवेंट के दौरान एक्टर मनोज बाजपेयी ने भी इस पर रिएक्शन दिया है। उन्होंने रणवीर के बैन से जुड़े सवाल पर कहा, ‘यह जगह इस बात के लिए बिल्कुल सही नहीं है। मैं आपको एक बात बताना चाहता हूं कि इस इंडस्ट्री में जितने भी लोग हैं, वे सब इसके बारे में सिर्फ सोशल मीडिया पर ही पढ़ रहे हैं और हमारे पास इसके बारे में कोई डीटेल जानकारी नहीं है’।

आगे मनोज बाजपेयी ने कहा है, ‘एक को-वर्कर होने और इस बिरादरी के सदस्य होने के तौर पर हम बस यही कह सकते हैं कि हमें उम्मीद है कि ये मामला जल्द सुलझ जाएगा। बिना किसी और बढ़ावे के यह मामला सुलझेगा।’

फिल्ममेकर संजय गुप्ता ने भी रणवीर को बैन करने पर फेडरेशन की आलोचना की है। उन्होंने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से लिखा है, ‘जब एक ए-लिस्टर हीरो शूट करता है, तो उसके साथ 300 से ज्यादा वर्कर्स सेट पर काम करते हैं। किसी को बैन करने से उसका नुकसान नहीं होता, बल्कि उन मजदूरों की रोजी-रोटी छिन जाती है, जो उस काम पर ही निर्भर हैं। आखिर में इसका मतलब क्या है।’

FWICE के चीफ एडवाइजर अशोक पंडित ने दी सफाई

बैन की आलोचना होने के बाद अशोक पंडित ने इस मामले पर सफाई दी है। उनका कहना है कि लोगों ने उनके आदेश का गलत अर्थ निकाला है। ई-टाइम्स को दिए इंटरव्यू में अशोक पंडित ने कहा-

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पहली बात तो पूरा कन्वर्सेशन ही गलत हो गया। ये बैन नहीं है। हम कोई कोर्ट नहीं हैं। हम लोगों को बैन नहीं कर सकते। हमने नॉन कॉर्पोरेशन इशू किया है। इसका मतलब है कि जो हमारे 30 क्राफ्ट के सदस्य हैं, वो रणवीर के साथ काम नहीं करेंगे। हमारी इच्छा है कि हम उनके साथ काम करते हैं या नहीं।हम एक ट्रेड यूनियन जैसे हैं। मामला अभी हल नहीं हुआ है, क्योंकि हमने बहुत देखा कि ये बहुत ही गलत ट्रेंड शुरू हो गया।

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जानिए क्या है पूरा मामला?

फरहान अख्तर ने साल 2023 में फिल्म डॉन-3 की घोषणा एक्टर रणवीर सिंह के साथ की थी। 2006 में आई शाहरुख स्टारर डॉन और 2011 में आई डॉन-2 के बाद ये इस फ्रेंचाइजी की यह तीसरी फिल्म होने वाली थी।

अनाउंसमेंट के समय कियारा आडवाणी को फिल्म में कास्ट किया गया था। लेकिन प्रेग्नेंसी और मेटरनिटी ब्रेक के चलते कियारा ने फिल्म छोड़ दी, जिसके बाद कृति सेनन को कास्ट करने की खबरें रहीं।

ये फिल्म फरहान अख्तर, होम प्रोडक्शन एक्सेल एंटरटेनमेंट के बैनर तले बना रहे थे। डॉन-3 को जारी रखने लिए फरहान ने अपनी दूसरी फिल्म जी ले जरा पोस्टपोन कर दी।

फिल्म डिले होने पर रणवीर सिंह धुरंधर में व्यस्त हो गए। रिपोर्ट्स थीं कि 2025 में डॉन 3 की शूटिंग शुरू होगी, लेकिन फिर अचानक रणवीर सिंह ने फिल्म छोड़ दी। मेकर्स का आरोप है कि रणवीर स्क्रिप्ट में हस्तक्षेप कर रहे थे। वो गाली-गलौज और हिंसक सीन की मांग कर रहे थे, लेकिन मेकर्स इस पर राजी नहीं हुए।

मिडडे की रिपोर्ट में दावा किया गया कि रणवीर ने फिल्म छोड़ दी है और वो जल्द ही फिल्म का साइनिंग अमाउंट भी लौटा देंगे, जबकि मेकर्स पहले ही प्री-प्रोडक्शन, डिले और री-वर्क के चलते फिल्म पर खर्च कर चुके थे।

इस पर फरहान अख्तर ने प्रोड्यूसर्स गिल्ड में शिकायत कर 45 करोड़ हर्जाने की मांग की। उनका कहना था कि प्री-प्रोडक्शन, शूटिंग शेड्यूल में बदलाव के चलते उनका भारी नुकसान हुआ है।

तब आमिर खान ने भी बीचबचाव की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी। प्रोड्यूसर गिल्ड ने दोनों पक्षों को सुलह का समय भी दिया, लेकिन हल तब भी नहीं निकला।

बाद में ये मामला FWICE के पास पहुंचा। मामले को गंभीरता से लेते हुए फेडरेशन ने रणवीर सिंह को अलग-अलग मौकों पर 3 नोटिस भेजे, लेकिन उन्होंने साफ कहा कि ये लीगल मामला है, जो फेडरेशन द्वारा नहीं बल्कि कोर्ट के जरिए सुलझाना चाहिए। आखिरकार 25 मई को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस रखने के बाद फेडरेशन ने रणवीर को बैन करने का ऐलान कर दिया।

रणवीर सिंह की टीम बोली- वे सोच-समझकर चुप

रणवीर सिंह के स्पोक पर्सन ने कहा- रणवीर सिंह फिल्म इंडस्ट्री और ‘डॉन’ फ्रैंचाइजी से जुड़े हर इंसान का दिल से सम्मान करते हैं। ‘डॉन 3’ को लेकर हाल ही में जो कुछ भी हुआ है, उस पर उन्होंने सोच-समझकर चुप रहना ही सही समझा। उनका मानना है कि काम से जुड़ी बातें और आपसी रिश्ते हमेशा गरिमा, समझदारी और आपसी सम्मान के साथ ही संभाले जाने चाहिए।

इस बीच कई तरह की बातें और अफवाहें सामने आई हैं, लेकिन रणवीर ने कभी भी सरेआम इस पर कोई सफाई देना या इन अटकलों को बढ़ावा देना जरूरी नहीं समझा। उनका पूरा ध्यान पूरी तरह से उनके काम और आने वाले प्रोजेक्ट्स पर है।

वे इस फिल्म से जुड़े सभी लोगों के लिए अपने दिल में सम्मान रखते हैं और चाहते हैं कि यह फ्रैंचाइजी आगे भी खूब कामयाब हो। ऐसे मुश्किल मौकों पर संयम और शालीनता बनाए रखना हमेशा से उनका अपना फैसला रहा है, और वे आगे भी इसी रुख पर कायम रहेंगे।

अब समझिए FWICE क्या है? रणवीर पर बैन का क्या असर होगा

फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) फिल्म इंडस्ट्री के वर्कर्स और कलाकारों के हितों की रक्षा करने वाली सबसे बड़ी संस्था है। इसकी शुरुआत साल 1956 में हुई थी और 1958 में इसका रजिस्ट्रेशन कराया गया था।

मदर बॉडी: यह फेडरेशन मुख्य रूप से एक मदर बॉडी (शीर्ष संस्था) की तरह काम करती है। इसके अंतर्गत कुल 34 अलग-अलग एसोसिएशंस आती हैं।

सदस्यों की संख्या: इसमें एक्टर्स, डायरेक्टर्स, प्रोड्यूसर्स, कैमरामैन, टेक्नीशियंस, जूनियर आर्टिस्ट और स्पॉटबॉय जैसी 34 एसोसिएशंस के लगभग 4 से 5 लाख मेंबर्स जुड़े हुए हैं।

दायरा: यह एशिया की सबसे बड़ी फिल्म फेडरेशन है। वर्तमान में फिल्म इंडस्ट्री में काम करने वाले करीब 90 प्रतिशत लोग इसी फेडरेशन से जुड़ी एसोसिएशंस के सदस्य हैं। इसका अपना एक संविधान है, जिसे मानना सभी सदस्यों के लिए जरूरी है।

फेडरेशन काम बंद कर दे तो शूटिंग कैंसिल

FWICE के पास फिल्म इंडस्ट्री के कामकाजी माहौल को नियंत्रित करने की बड़ी ताकत है।

काम रोकना: अगर फेडरेशन अपने 4 से 5 लाख सदस्यों को किसी प्रोजेक्ट पर काम करने से रोक दे, तो अगले ही दिन से फिल्मों और टीवी शोज की शूटिंग पूरी तरह बंद हो जाएगी।

पेमेंट वसूलना: फेडरेशन मेकर्स और एक्टर्स के बीच पैसों के विवाद को सुलझाती है। उदाहरण के लिए, कुछ समय पहले प्रोड्यूसर फिरोज नाडियाडवाला ने एक फिल्म के बाद क्रू मेंबर्स के करीब 3 करोड़ रुपए नहीं चुकाए थे। फेडरेशन ने उनकी अगली फिल्म ‘वेलकम टु जंगल’ की शूटिंग से पहले सभी सदस्यों को काम न करने का निर्देश दे दिया। इसके बाद प्रोडक्शन कंपनी और फेडरेशन के दबाव में फिरोज नाडियाडवाला को पुराना बकाया चुकाना पड़ा था।

कार्रवाई का अधिकार: संविधान के खिलाफ काम करने पर फेडरेशन किसी भी एसोसिएशन या सदस्य को नॉन-मेम्बर घोषित कर सकती है।



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