Pakistan Terrorist Hamza Burhan Murder Funeral Photos; Pulwama Attack Mastermind | ACTPnews

Pakistan Terrorist Hamza Burhan Murder Funeral Photos; Pulwama Attack Mastermind


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इस्लामाबाद13 मिनट पहलेलेखक: सुनील मौर्य

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पुलवामा हमले में शामिल आतंकी हमजा बुरहान की हत्या के मामले में मुजफ्फराबाद के काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट (CTD) ने अब्दुल्ला कमाल नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया है।

अब्दुल्ला कमाल पाकिस्तान के वाह कैंट का रहने वाला है। CTD ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। कार्रवाई के दौरान आरोपी के पास से हथियार भी बरामद किया गया। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हत्या में इसी हथियार का इस्तेमाल हुआ था या नहीं।

रिपोर्ट के मुताबिक घटना के दौरान मौजूद दो अन्य संदिग्ध मौके से भाग निकले। सुरक्षा एजेंसियां उनकी तलाश में जुटी हैं। मामले में आरोपी अब्दुल्ला कमाल की एक्सक्लूसिव फोटो भी सामने आई है।

हमजा बुरहान 2019 के पुलवामा आतंकी हमले में शामिल था। 14 फरवरी 2019 को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में CRPF काफिले पर आत्मघाती हमला हुआ था, जिसमें 40 जवान शहीद हुए थे।

हमजा बुरहान को आज इस्लामाबाद के बर्मा टाउन स्थित फातिमा स्कूल में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।

तस्वीर आतंकी हमजा की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किए गए अब्दुल्ला कमाल की है।

तस्वीर आतंकी हमजा की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किए गए अब्दुल्ला कमाल की है।

सिर में तीन गोलियां लगने से हमजा की मौत

न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक हमजा पर गुरुवार को मुजफ्फराबाद के AIMS कॉलेज के बाहर अज्ञात हमलावरों ने कई गोलियां चलाईं, जिनमें से तीन उसके सिर में लगीं। गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।

हमजा बुरहान जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले का रहने वाला था। वह पहले आतंकी संगठन अल बद्र से जुड़ा था और बाद में अल बराक के लिए काम करने लगा। वह मुजफ्फराबाद के चीला बांदी इलाके में भारी सुरक्षा के बीच रह रहा था। उसके पास कमांडो सुरक्षा, बुलेटप्रूफ गाड़ी और एस्कॉर्ट वाहन भी थे।

भारत ने 2022 में उसे UAPA के तहत आतंकी घोषित किया था। वह अबू दुजाना, अबू कासिम, बुरहान वानी और जाकिर मूसा का करीबी सहयोगी माना जाता था। उसके पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से भी करीबी संबंध थे।

आतंकी हमजा बुरहान की गुरुवार को मुजफ्फराबाद के AIMS कॉलेज के बाहर हत्या कर दी गई।

आतंकी हमजा बुरहान की गुरुवार को मुजफ्फराबाद के AIMS कॉलेज के बाहर हत्या कर दी गई।

भारत से पाकिस्तान गया, फिर आतंकी संगठन से जुड़ा हमजा

सरकार के मुताबिक, अर्जुमंद गुलजार डार उर्फ हमजा बुरहान उर्फ डॉक्टर पुलवामा के रत्नीपोरा इलाके का रहने वाला था। 23 साल का हमजा, आतंकी संगठन अल बद्र से जुड़ा हुआ था। अल बद्र को सरकार ने आतंकवादी संगठन घोषित किया हुआ है।

वह कानूनी तरीके से पाकिस्तान गया था। वहां जाकर वह अल बद्र में शामिल हो गया और बाद में संगठन का सक्रिय आतंकी और कमांडर बन गया। अभी वह पाकिस्तान से ही काम कर रहा था। उस पर आरोप है कि वह युवाओं को अल बद्र में शामिल होने के लिए उकसाता था और फंडिंग भी करता था।

जांच एजेंसियों के अनुसार 2020 में CRPF जवानों पर ग्रेनेड हमले और युवाओं को आतंकी संगठन में भर्ती कराने जैसी गतिविधियों में भी शामिल रहा।

पुलवामा अटैक में 40 CRPF जवान शहीद हुए थे

14 फरवरी 2019 को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में CRPF के काफिले पर आत्मघाती आतंकी हमला हुआ था। श्रीनगर-जम्मू हाईवे पर लेथपोरा इलाके में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी आदिल अहमद डार ने विस्फोटकों से भरी SUV बसों से टकरा दी थी।

धमाका इतना जबरदस्त था कि दो बसों के परखच्चे उड़ गए और 40 जवान शहीद हो गए। जांच में सामने आया कि हमले से पहले सुरक्षा एजेंसियों को कई इंटेलिजेंस इनपुट मिले थे, लेकिन आतंकी साजिश को रोका नहीं जा सका।

बाद में NIA ने अपनी चार्जशीट में जैश-ए-मोहम्मद और उसके सरगना मसूद अजहर को हमले का मास्टरमाइंड बताया था।

इसके अलावा हमजा जम्मू-कश्मीर के पुलवामा के काकापोरा इलाके में 18 नवंबर 2020 को हुए आतंकी हमले में भी शामिल था। तब आतंकियों ने बंकर पर ग्रेनेड हमला किया था। हालांकि ग्रेनेड अपने निशाने से चूककर सड़क पर फट गया, जिससे 12 नागरिक घायल हो गए।

ये तस्वीर पुलवामा हमले के कुछ देर बाद मौके पर मौजूद सुरक्षाबलों की है। तस्वीर में दिख रही गाड़ी पर सवार होकर ही आतंकियों ने इस दर्दनाक हादसे को अंजाम दिया था।

ये तस्वीर पुलवामा हमले के कुछ देर बाद मौके पर मौजूद सुरक्षाबलों की है। तस्वीर में दिख रही गाड़ी पर सवार होकर ही आतंकियों ने इस दर्दनाक हादसे को अंजाम दिया था।

बुरहान वानी का करीबी था हमजा

रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमजा बुरहान लंबे समय से पाकिस्तान और PoK में सक्रिय था। बुरहान मुजफ्फराबाद के AIMS कॉलेज के बाहर मारा गया। वह अबू दुजाना, अबू कासिम, बुरहान वानी और जाकिर मूसा का करीबी सहयोगी था।

बुरहान वानी 8 जुलाई 2016 को जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारा गया था। उसकी मौत के बाद कश्मीर में लंबे समय तक हिंसा और विरोध प्रदर्शन हुए थे। बुरहान वानी की मौत के बाद जाकिर मूसा हिजबुल का कमांडर बना था। वह 23 मई 2019 को पुलवामा जिले के त्राल इलाके में सुरक्षाबलों के ऑपरेशन में मारा गया था।

आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी को 8 जुलाई 2016 को सुरक्षा बलों ने ढेर कर दिया था।

आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी को 8 जुलाई 2016 को सुरक्षा बलों ने ढेर कर दिया था।

4 महीने में पाकिस्तान के 4 बड़े आतंकियों की मौत

पाकिस्तान में पिछले 4 महीने में 4 बड़े आतंकियों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो चुकी है। इनके पीछे अज्ञात हमलावर का हाथ बताया जा रहा है, हालांकि इनकी पुष्टि नहीं हो पाई है।

1. लश्कर आतंकी- मोहम्मद कासिम गुज्जर

लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकी मोहम्मद कासिम गुज्जर की फरवरी 2026 में पाकिस्तान के पेशावर में गोली मारकर हत्या कर दी गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अज्ञात बंदूकधारियों ने उस पर हमला किया था। हालांकि इसकी आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की गई।

कासिम गुज्जर उर्फ सलमान/सुलेमान को भारत सरकार ने 2024 में UAPA के तहत घोषित आतंकवादी घोषित किया था। भारतीय एजेंसियों के अनुसार, वह कई आतंकी गतिविधियों में शामिल था और जम्मू-कश्मीर में नए आतंकी मॉड्यूल तैयार करने का काम कर रहा था।

उस पर आतंकियों को हथियार और फंडिंग पहुंचाने, सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए भर्ती करने और कई आतंकी हमलों में भूमिका निभाने के आरोप थे।

आतंकी मोहम्मद कासिम गुज्जर।

आतंकी मोहम्मद कासिम गुज्जर।

2. जैश-ए-मोहम्मद कमांडर- सलमान अजहर

अप्रैल 2026 में पाकिस्तान के बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद के सीनियर कमांडर सलमान अजहर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। रिपोर्ट्स के अनुसार, वो एक ‘हिट-एंड-रन’ जैसी घटना का शिकार हुआ। हालांकि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स इसे टारगेट किलिंग बताया गया था। इसकी भी आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की गई।

सलमान अजहर को जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर का करीबी सहयोगी माना जाता था। जैश-ए-मोहम्मद वही आतंकी संगठन है जिसे भारत, अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र आतंकवादी संगठन घोषित कर चुके हैं।

सलमान अजहर संगठन के ऑपरेशनल नेटवर्क और भर्ती अभियान से जुड़ा हुआ था। बहावलपुर को लंबे समय से जैश का प्रमुख ठिकाना माना जाता रहा है।

जैश-ए-मोहम्मद का सीनियर कमांडर सलमान अजहर।

जैश-ए-मोहम्मद का सीनियर कमांडर सलमान अजहर।

3. लश्कर कमांडर- शेख यूसुफ अफरीदी

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा क्षेत्र में लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर शेख यूसुफ अफरीदी की अप्रैल 2026 को अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी।

यूसुफ अफरीदी को लश्कर-ए-तैयबा के बड़े नेटवर्क से जुड़ा माना जाता था। वह कथित तौर पर संगठन के लॉजिस्टिक्स और कम्युनिकेशन सिस्टम को संभालता था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उसे हाफिज सईद का करीबी भी माना जाता था।

लश्कर-ए-तैयबा का कमांडर शेख यूसुफ अफरीदी।

लश्कर-ए-तैयबा का कमांडर शेख यूसुफ अफरीदी।

4. हिजबुल मुजाहिदीन कमांडर- सज्जाद अहमद

पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में मई 2026 में हिजबुल मुजाहिदीन का सीनियर कमांडर सज्जाद अहमद संदिग्ध परिस्थितियों में मारा गया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अज्ञात हमलावरों ने उसे निशाना बनाया। हालांकि पाकिस्तान सरकार की ओर से घटना पर ज्यादा आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई थी।

सज्जाद अहमद मूल रूप से जम्मू-कश्मीर के बारामूला इलाके का रहने वाला था। कहा जाता है कि वह 1990 के दशक के अंत में पाकिस्तान चला गया था, जहां उसने आतंकी ट्रेनिंग ली। बाद में वह हिजबुल मुजाहिदीन के लिए फंडिंग, ट्रेनिंग और नेटवर्किंग जैसे काम संभालने लगा।

वह पाकिस्तान से कश्मीर में आतंकी एक्टिविटी के कॉर्डिनेशन में एक्टिव रोल निभा रहा था। हिजबुल मुजाहिदीन लंबे समय तक घाटी में एक्टिव प्रमुख आतंकी संगठनों में शामिल रहा है।

हिजबुल मुजाहिदीन का सीनियर कमांडर सज्जाद अहमद।

हिजबुल मुजाहिदीन का सीनियर कमांडर सज्जाद अहमद।

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