PM Modi Book; Shivraj Singh Chouhan Apnapan Book Launch Update | ACTPnews

दिल्ली के पूसा स्थित NASC कॉम्प्लेक्स में किताब का विमोचन किया गया।


पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू और पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा ने किताब का विमोचन किया।

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपने 35 साल के अनुभवों को किताब के रूप में पेश किया है।

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उन्होंने ‘अपनापन : नरेंद्र मोदी संग मेरे अनुभव’ नाम से पुस्तक लिखी है, जिसका विमोचन आज दिल्ली के पूसा स्थित NASC कॉम्प्लेक्स में सुबह 10:30 बजे किया गया।

इस पुस्तक का विमोचन पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू और पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा ने किया। समारोह में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और राजस्थान समेत करीब एक दर्जन राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हुए।

देखिए पुस्तक विमोचन समारोह की तस्वीरें

दिल्ली के पूसा स्थित NASC कॉम्प्लेक्स में किताब का विमोचन किया गया।

मंच पर शिवराज चौहान, पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू और पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा।

मंच पर शिवराज चौहान, पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू और पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा।

कार्यक्रम में भाजपा के कई दिग्गज नेता मौजूद थे।

कार्यक्रम में भाजपा के कई दिग्गज नेता मौजूद थे।

कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर और गिरिराज सिंह सहित कई दिग्गज नेता मौजूद हैं।

1991 से लेकर अब तक के अनुभव

शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि यह किताब उनके लिए सिर्फ एक पुस्तक नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ बिताए लंबे समय का अपनापन है। 1991 की एकता यात्रा से लेकर आज तक के अनुभवों को इसमें शामिल किया गया है। उस समय मुरली मनोहर जोशी की यात्रा में नरेंद्र मोदी संगठनात्मक प्रभारी थे।

किताब युवाओं को प्रेरित करेगी

शिवराज सिंह चौहान का कहना है कि यह पुस्तक युवाओं को विशेष रूप से प्रेरित करेगी। इसमें अनुशासन, तपस्या, समर्पण और लोगों के साथ अपनापन से बड़े लक्ष्य हासिल करने की सीख दी गई है। किताब में मोदी जी के नेतृत्व, सुशासन, राष्ट्र सेवा और नीति निर्माण के व्यक्तिगत पक्षों को खास तौर पर उजागर किया है।

वह एक सच्चे कर्मयोगी और असाधारण इंसान

कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कभी-कभी आपको ऐसे व्यक्ति के साथ काम करने का मौका मिलता है जिसे दुनिया नेता कहती है, लेकिन वास्तव में वह एक सच्चे कर्मयोगी और असाधारण इंसान होते हैं। वह इंसान हैं नरेंद्र मोदी।

आज 26 मई का वह ऐतिहासिक दिन है, जब नरेंद्र मोदी ने पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। 12 वर्ष पूरे हो गए, लेकिन मेरा और उनका साथ 35 साल पुराना है। इन 35 वर्षों में मैंने उन्हें हर क्षण देश के लिए जीते हुए देखा है। उनका हर कदम देश की प्रगति और विकास के लिए उठा है। मुझे उनके साथ अनेक भूमिकाओं में संगठन के कार्यकर्ता के नाते काम करने का मौका मिला।

मुख्यमंत्री के नाते भी हमने साथ काम किया

शिवराज ने कहा- मुख्यमंत्री के नाते भी हमने साथ काम किया और फिर मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में तथा बाद में प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्री के नाते उनके साथ काम कर रहा हूं। मैंने उनसे अनेक प्रेरणाएं प्राप्त कीं। कैसे ऐसे निर्णय लिए जाएं, जिनसे जनता का जीवन बदले।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 9 जून 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट में केंद्रीय मंत्री के रूप में शपथ ली थी।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 9 जून 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट में केंद्रीय मंत्री के रूप में शपथ ली थी।

इसलिए लिखी अपनापन

शिवराज ने कहा- मुझे लगा कि यह अनुभव केवल मेरे पास तक क्यों रहे। यह केवल राजनीतिक कार्यकर्ताओं के लिए ही नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग प्रशासनिक अधिकारी, प्रोफेशनल्स, उद्योगपति, समाज सुधारक, महिला सशक्तीकरण और पर्यावरण से जुड़े लोगों सभी के लिए उपयोगी है।

इसलिए मेरे मन में यह भाव आया कि अपने अनुभवों और सीख को एक पुस्तक के रूप में देशवासियों को समर्पित करूं। इसी का परिणाम है ‘अपनापन’।

एकता यात्रा से शुरू हुआ था मेरा-उनका साथ

मेरा और उनका पहला साथ एकता यात्रा से प्रारंभ हुआ था। उस समय आतंकवाद चरम पर था और कश्मीर घाटी के लाल चौक पर तिरंगा फहराने की कल्पना भी कठिन थी। भाजपा ने तय किया कि उनके नेतृत्व में एकता यात्रा निकलेगी और कश्मीर के लाल चौक पर तिरंगा फहराया जाएगा, जिससे पूरे भारत को भावनात्मक रूप से एक किया जा सके।

इस यात्रा का संचालन नरेंद्र मोदी को मिला। मैं उस समय लोकसभा उपचुनाव जीतकर पहुंचा था। मेरे पास प्रमोद महाजन का फोन आया कि एकता यात्रा के लिए केसरिया वाहिनी बनाई जा रही है, तुम्हें उसका संयोजक बनाया जा रहा है।

हर नौजवान के दिल में फहराया जाएगा तिरंगा

मेरी पहली मुलाकात नरेंद्र भाई से उसी दौरान हुई। पहली बैठक में उन्होंने कहा कि तिरंगा केवल श्रीनगर के लाल चौक पर ही नहीं, बल्कि देश के हर नौजवान के दिल में फहराया जाएगा। 23 जनवरी को फगवाड़ा में आतंकवादियों ने यात्रा में शामिल बस पर हमला किया, जिसमें छह कार्यकर्ता बलिदान हो गए।

लोगों ने सोचा कि यात्रा रुक जाएगी, लेकिन नरेंद्र मोदी ने कहा कि श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा फहराने का संकल्प पूरा होगा।

उस समय केंद्र सरकार ने यात्रा रोकने की कोशिश की, लेकिन देशभक्ति के दीवाने कहां रुकने वाले थे। अंततः निर्णय हुआ कि कुछ लोग ही आगे बढ़ेंगे और श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा फहराया जाएगा। डॉक्टर मुरली मनोहर जोशी और नरेंद्र मोदी ने लाल चौक पर तिरंगा फहराया।

उनका गला रुंध गया और वे भावुक हो गए

जम्मू में लौटने पर लाखों कार्यकर्ताओं की सभा हुई, जहां उनका भाषण आज भी याद है। उन्होंने कहा था कि वे कार्यकर्ता भी लाल चौक नहीं पहुंच पाए जो दिन-रात इस यात्रा में लगे थे। यह कहते-कहते उनका गला रुंध गया और वे भावुक हो गए। मैंने देखा कि काम के लिए जितने कठोर नरेंद्र मोदी हैं, उतने ही कार्यकर्ताओं के लिए संवेदनशील भी हैं।

भविष्य की टेक्नोलॉजी को पहले ही पहचान लिया

पहले जब मोबाइल का उपयोग शुरू हुआ था, तब भी कई लोग इसे ‘फाइव स्टार संस्कृति’ मानते थे। मध्य प्रदेश में जब नरेंद्र मोदी प्रभारी बनकर आए थे, तब मैंने देखा कि वे ईमेल आईडी और कंप्यूटर का महत्व समझते थे। उस समय जब उन्होंने पूछा कि किसके पास ईमेल आईडी है तो सन्नाटा छा गया। कुछ लोग इसे समझ नहीं पाए, लेकिन उन्होंने भविष्य की टेक्नोलॉजी को पहले ही पहचान लिया था।

50 हजार से कम फॉलोअर तो नहीं मिलेगी टिकट

उन्होंने हमेशा टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया और आधुनिक साधनों के महत्व को समझा और समय के अनुसार उनका उपयोग किया। जब सोशल मीडिया का महत्व लोग ठीक से नहीं समझते थे, तब भी उन्होंने कहा था कि जनता से जुड़ने के लिए इसका उपयोग जरूरी है।

उन्होंने सुझाव दिया था कि हर सांसद और विधायक के 50 हजार से कम फॉलोअर होने पर टिकट मिलने में भी कठिनाई हो सकती है, ताकि जनता से सीधा संवाद मजबूत हो सके।

केंद्रीय मंत्री शिवराज ने मोदी से जुड़े किस्से सुनाए

पानी : मोदी जी ने रेगिस्तान, हमने मालवा में पानी पहुंचा दिया

शिवराज ने कहा– कांग्रेस सरकारों के दौरान नर्मदा पर बांधों को लेकर आंदोलन खड़े किए जाते थे। ऐसा नैरेटिव बनाया जाता था कि बांध बनने से मध्य प्रदेश डूब जाएगा और गुजरात को फायदा होगा। मैं 2005 में मुख्यमंत्री बना। मोदी जी ने मुझे गुजरात भवन बुलाया और फैसला किया कि जो बांध बन चुके हैं, उन्हें भरा जाएगा और उनकी ऊंचाई बढ़ाई जाएगी। मोदी जी ने गुजरात के रेगिस्तान तक पानी पहुंचा दिया। हमने मालवा के पठार और निमाड़ क्षेत्र के ऊंचाई वाले इलाकों में पानी लिफ्ट कर जल की व्यवस्था की।

बिजली : कांग्रेस के समय 5 घंटे आती थी, हमने 24 घंटे दी

शिवराज ने बताया कि मैंने उस समय के गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन कर कहा कि मैं गुजरात की कुछ अच्छी योजनाओं को समझने आना चाहता हूं। मैं वहां गया तो मुझे लगा कि अफसर बैठक में आएंगे और योजनाओं के बारे में बताएंगे, लेकिन मोदी जी अपनी पूरी कैबिनेट और अफसरों के साथ मौजूद थे।

मैंने ग्राम ज्योति योजना को समझा और तय किया कि मध्य प्रदेश में भी 24 घंटे बिजली देंगे। कांग्रेस शासनकाल में मुश्किल से 5-6 घंटे बिजली आती थी। जब मैंने 24 घंटे बिजली देने की बात कही तो मेरे ही मंत्रियों ने पूछा कि यह कैसे होगा। विपक्षी मित्रों ने भी कहा मुंगेरी लाल के हसीन सपने देख रहा है, लेकिन मोदी जी की प्रेरणा से मध्य प्रदेश में 24 घंटे बिजली मिलना शुरू हुई।

परिवार– पिता के निधन पर भी फोन आया था

शिवराज ने कहा कि जब मैं मुख्यमंत्री रहते कोविड संक्रमित हो गया था तो उनका फोन आया और उन्होंने परिवार का ध्यान रखने को कहा। मेरे पिता जी का निधन हुआ तो उनका फोन आया। बेटे की शादी का निमंत्रण देने गया तो मैंने सोचा था कि 5 मिनट का समय मिलेगा, लेकिन उन्होंने पूरी जानकारी ली—रिश्ता कहां हुआ, डेयरी कैसे चलती है और कितना दूध कलेक्ट हो रहा है।

प्रशंसा और राजनीति: मोदी जी ने कहा था कंधों पर बिठाकर नचाऊंगा

शिवराज ने बताया कि एक बार मैं एक बैठक के लिए उनके पास गया। मैंने उनके काम के बारे में यूं ही कह दिया कि पहले तो हम आपका आदर करते थे, लेकिन अब जो काम देश के लिए हो रहे हैं, उससे मन में श्रद्धा पैदा होती है।

मोदी जी ने सीधे कहा, “शिवराज, मैं और नेताओं की तरह प्रशंसा से प्रसन्न नहीं होता। मैं केवल काम से प्रसन्न होता हूं। काम करो, परिणाम दो, मैं कंधों पर बिठाकर नचाऊंगा। मुझे केवल देश के लिए काम चाहिए।”

शिवराज ने कहा कि 2023 के विधानसभा चुनाव होने वाले थे। मेरे एक-दो वक्तव्य ऐसे आ गए। मैं लाड़कुई गया था, वहां बहुत काम हुए थे। फिर दूसरे कामों की बात करते हुए मैंने कह दिया कि जब हम चले जाएंगे तो बहुत याद आएंगे।

वेंकैया नायडू बोले- सभी राजनेताओं को उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए

कार्यक्रम में पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने कहा– मैं समाज के सभी वर्गों के लोगों से अपील करता हूं कि वे पुस्तक ‘अपनापन’ अवश्य पढ़ें। खासकर उभरते हुए राजनेताओं को। इस पुस्तक का हर भाषा में अनुवाद होना चाहिए।

जब दो व्यक्ति अलग-अलग जिम्मेदारियों के साथ मिलकर काम करते हैं और उत्कृष्ट परिणाम देते हैं तो नरेन्द्र मोदी और शिवराज सिंह चौहान इसका सर्वोत्तम उदाहरण हैं।

शिवराज जी का मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में 17 वर्षों का कार्यकाल बेदाग रहा है। सभी राजनेताओं को उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए।

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