Putin NATO Nuclear Threat | Kaliningrad Security Statement | ACTPnews

Putin NATO Nuclear Threat | Kaliningrad Security Statement


मॉस्को3 घंटे पहले

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रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने गुरुवार को NATO देशों को परमाणु हमले की धमकी दी। उन्होंने कहा कि रूस की किसी भी जमीन पर हमला हुआ, तो वह अपने सभी हथियारों से जवाब देगा।

पुतिन ने मॉस्को में वल्दाई फोरम के दौरान कहा कि NATO अगर कलिनिनग्राद को रूस से अलग करने की कोशिश करता है, तो रूस तुरंत जवाब देगा।

कलिनिनग्राद रूस का एक अलग इलाका है। यह रूस के बाकी हिस्से से जुड़ा नहीं है। यह रूस की सीमा से 300 किमी दूर यूरोप में पोलैंड और लिथुआनिया के बीच स्थित है। दूसरे विश्व युद्ध के बाद 1945 से इस इलाके पर रूस का कब्जा है।

कलिनिनग्राद रूस के लिए कैसे अहम

  • बाल्टिक सागर तक पहुंच: यहां रूस का बाल्टिक फ्लीट तैनात है, जिससे रूस को इस इलाके में समुद्री सैन्य मौजूदगी बनाए रखने में मदद मिलती है।
  • NATO के बीच रणनीतिक जगह: यह चारों तरफ से NATO देशों के करीब है। इसलिए रूस के लिए यूरोप में सैन्य दबाव बनाए रखने के लिहाज से यह जरूरी है।
  • मिसाइल तैनाती: यहां रूस ने परमाणु हथियार ले जाने में इस्कंदर मिसाइल सिस्टम तैनात किया है। इसके अलावा भी यहां कई आधुनिक हथियार हैं।
  • सैन्य निगरानी: यहां से पोलैंड, लिथुआनिया और बाल्टिक सागर के आसपास के इलाकों पर नजर रखना आसान है।
  • रूस के लिए सुरक्षा कवच: रूस मानता है कि कलिनिनग्राद उसकी पश्चिमी सीमा की रक्षा में जरूरी भूमिका निभाता है।

पुतिन बोले- पश्चिमी देश रूस के साथ युद्ध की तैयारी कर रहे

राष्ट्रपति पुतिन ने पश्चिमी देशों और यूरोप पर तनाव बढ़ाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पश्चिमी देश आने वाले वर्षों में रूस के साथ युद्ध की तैयारी की बात कर रहे हैं।

उन्होंने बाल्टिक सागर में सैन्य अभ्यास और रूसी जहाजों को जब्त करने का भी जिक्र किया।

उनका बयान मॉस्को की उस चेतावनी के बाद आया, जिसमें NATO से कहा गया था कि कलिनिनग्राद की रक्षा के लिए रूस परमाणु हथियार इस्तेमाल करने से पीछे नहीं हटेगा।

दावा- NATO कलिनिनग्राद की नाकाबंदी करने की तैयारी कर रहा है

यूरोप में रूस के कई दूतावासों ने इस हफ्ते बयान जारी किए। इनमें कहा गया कि मॉस्को के पास जानकारी है कि NATO कलिनिनग्राद और पूरे क्षेत्र की हवाई और नौसैनिक नाकाबंदी की तैयारी कर रहा है।

रूस ने यूरोपीय नेताओं पर खतरनाक खेल खेलने का आरोप लगाया। रूस का कहना है कि यूरोपीय नेता लगातार यह दावा कर रहे हैं कि मॉस्को किसी दूसरे देश पर हमला कर सकता है या ड्रोन और तोड़फोड़ के जरिए दूसरे देशों में अस्थिरता फैला सकता है। रूस ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है।

NATO बोला- रूस पर हमले की कोई तैयारी नहीं है

NATO ने रूस की परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की चेतावनी का विरोध किया है। NATO की प्रवक्ता एलिसन हार्ट ने बुधवार को कहा, ‘हम बल प्रयोग की धमकी और गैर-जिम्मेदाराना परमाणु बयानों की कड़ी निंदा करते हैं।’

उन्होंने कहा कि NATO कलिनिनग्राद को निशाना नहीं बना रहा है। NATO एक रक्षात्मक गठबंधन है और उसकी सैन्य गतिविधियों से रूस के किसी भी इलाके को खतरा नहीं है।

NATO के चीफ मार्क रुटे ने भी रूस से परमाणु हमले की धमकियां बंद करने को कहा। उन्होंने दावा किया कि रूस चाहता है कि सदस्य देशों का ध्यान बंटे और यूक्रेन की मदद पर जोर कम हो जाए। लेकिन NATO ऐसा नहीं होने देगा।

NATO चीफ बेल्जियम के ब्रसेल्स में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान। तस्वीर 2 सितंबर 2026 की है।

NATO चीफ बेल्जियम के ब्रसेल्स में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान। तस्वीर 2 सितंबर 2026 की है।

बाल्टिक सागर में NATO के सैन्य अभ्यास से तनाव बढ़ा

NATO के सदस्य देशों ने हाल के महीनों में बाल्टिक सागर के आसपास सैन्य अभ्यास किए हैं। अक्टूबर में भी ऐसे अभ्यास की योजना है।

पिछले साल NATO ने इस इलाके में ‘ऑपरेशन बाल्टिक सेंट्री’ शुरू किया था। इसका मकसद समुद्र के नीचे मौजूद संचार केबल और पाइपलाइन की सुरक्षा करना है।

18 अगस्त को NATO ने उत्तरी पोलैंड और बाल्टिक इलाके में सैन्य अभ्यास किया था। इसमें कई विमान शामिल हुए थे। अमेरिकी वायुसेना के मुताबिक, इनमें ईए-37बी कंपास कॉल विमान भी शामिल था जो संचार और रडार सिस्टम को बाधित करने की क्षमता रखता है।

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